राघव चड्ढा को मिला बीजेपी में शामिल होने का इनाम! राज्यसभा में मिली ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
राज्यसभा सभापति ने बीजेपी सांसद राघव चड्ढा की अध्यक्षता वाली याचिका समिति के नए सदस्यों को नामित कर दिया है. यह समिति आम जनता की प्रशासनिक शिकायतों के निवारण का एक मजबूत मंच है.
राज्यसभा के सभापति ने संसद की 'याचिका समिति' के नए सदस्यों के नामों को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है. हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. उनके साथ ही सदन के कई अन्य दिग्गज सांसदों को भी इस समिति में सदस्य के रूप में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष राघव चड्ढा के अलावा इस याचिका समिति में सभापति की ओर से नौ अन्य सांसदों को सदस्य के रूप में नामित किया गया है. इन सदस्यों में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभु शरण पटेल, मयंक कुमार नायक, और मस्थान राव यादव बीधा के नाम शामिल हैं. इनके साथ ही जेबी मेथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संतोष कुमार को भी इस समिति का हिस्सा बनाया गया है जो संसदीय कामकाज को गति देंगे.
याचिका समिति का काम क्या है?
भारती की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्यसभा की याचिका समिति का बहुत ही विशिष्ट और प्राथमिक कार्य होता है. इस समिति का मुख्य काम सदन के पटल पर देश के नागरिकों द्वारा पेश की गई विभिन्न याचिकाओं की बारीकी से कानूनी और व्यावहारिक जांच करना है. इसके अलावा, यह समिति देश की कार्यपालिका के कामकाज से संबंधित विशेष सार्वजनिक शिकायतों या सामान्य सार्वजनिक महत्व के बड़े मामलों पर भी गहराई से नजर रखती है और उन पर विचार करती है.
आम नागरिकों के लिए न्याय का मंच
यह संसदीय समिति देश के आम नागरिकों के लिए एक बेहद मजबूत और औपचारिक मंच के रूप में भी कार्य करती है. जब देश के किसी नागरिक को देश के सामान्य प्रशासनिक रास्तों (सरकारी विभागों) से अपनी समस्याओं का समाधान या राहत नहीं मिल पाती है, तो वे सीधे इस समिति का दरवाजा खटखटा सकते हैं. आम जनता की उन जायज शिकायतों की जांच करने के बाद यह समिति संबंधित विभागों को जरूरी कदम उठाने और न्याय सुनिश्चित करने की सिफारिश करती है.
राघव चड्ढा का सियासी सफर
इस पूरी समिति के गठन के बीच इसके अध्यक्ष राघव चड्ढा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं. राघव चड्ढा पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) की टिकट पर राज्यसभा सांसद चुने गए थे, लेकिन हाल ही में, 24 अप्रैल 2026 को उन्होंने 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा यानी कुल सात राज्यसभा सांसदों के साथ पार्टी छोड़ दी थी और अपने पूरे गुट का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय कर लिया था.
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, राघव चड्ढा के साथ जिन 'आप' सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, उनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, प्रसिद्ध क्रिकेटर हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल जैसे बड़े और दिग्गज नाम शामिल हैं. इस बड़े दलबदल और विलय के बाद ही अब राघव चड्ढा को संसद के भीतर बीजेपी सांसद के तौर पर इस बेहद महत्वपूर्ण और गरिमामयी संसदीय समिति की कमान सौंपी गई है.
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