नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया. रविवार को नवि मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर टीम ने पहली बार महिला वर्ल्ड कप जीता. पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई.
इसी कड़ी में देश की तमाम जानी मानी हस्तियां इसको लेकर बधाई देने लगीं और इसी में ममता बनर्जी भी शामिल रहीं. हालांकि, ममता बनर्जी की बधाई ट्वीट ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया. बीजेपी ने मौका नहीं छोड़ा और पुराने बयान को याद दिलाकर तंज कसा.
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया. फाइनल मैच में दक्षिण अफ्रीका को हराकर ट्रॉफी उठाई. स्टेडियम में हजारों दर्शक थे और मैच रात तक चला. यह जीत न सिर्फ क्रिकेट के लिए बल्कि युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई. पूरे टूर्नामेंट में टीम ने लड़ाई दिखाई और दुनिया को अपना दम दिखाया.
जीत के बाद ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, “आज पूरा देश हमारी ब्लू गर्ल्स पर गर्व कर रहा है. वर्ल्ड कप फाइनल में उनकी लड़ाई और कमांड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी. आपने साबित किया कि आप विश्व स्तर की टीम हैं. आप हमारे हीरो हैं. भविष्य में और बड़ी जीत आपका इंतजार कर रही हैं. हम आपके साथ हैं.”
यह पोस्ट देश की खुशी को दर्शाती थी लेकिन एक घंटे के अंदर बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से जवाब आ गया. उन्होंने ममता के पुराने बयान को घसीटते हुए लिखा, “ओएमजी, वे रात 12 बजे तक खेल रही थीं, लेकिन आपने तो कहा था 8 बजे तक घर लौटना है. #रात8टा #विमेंसवर्ल्डकप2025”
Today, the entire nation is incredibly proud of our Women in Blue for their feat in the World Cup final.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) November 2, 2025
The fight they showed and the command they displayed throughout the tournament will be an inspiration for generations of young girls.
You have proved that you are a…
OMG they were playing till 12❗️
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) November 2, 2025
But you had told them to be home by 8‼️#Raat8Ta #WomensWorldCup2025 https://t.co/OQ9bReYVmv
यह तंज ममता के अक्टूबर महीने के उस बयान पर था, जब दुर्गापुर के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में गैंगरेप मामले पर उन्होंने कहा था कि लड़की रात 12:30 बजे बाहर क्यों थी. उन्होंने आगे कहा, “खासकर लड़कियों को रात में बाहर नहीं निकलना चाहिए. उन्हें खुद को बचाना भी पड़ता है.”
ममता का यह बयान उस समय भारी पड़ गया था. राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गुस्सा भड़क उठा. आलोचकों ने कहा कि वे पीड़िता को दोष दे रही हैं, जबकि राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत पर कुछ नहीं बोल रही हैं.