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'जब हिंदू मारे जा रहे थे?', हिजबुल्लाह चीफ को शहीद बताने वाली महबूबा से भाजपा का सवाल

BJP Slams Mehbooba Mufti: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती के उस बयान पर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने हिजबुल्लाह के चीफ नसरल्लाह को शहीद बताया था. भाजपा नेता कविंद्र गुप्ता ने महबूबा से सवाल पूछा कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनायाजा रहा था, तब आप चुप क्यों थीं?

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'जब हिंदू मारे जा रहे थे?', हिजबुल्लाह चीफ को शहीद बताने वाली महबूबा से भाजपा का सवाल
Courtesy: pinterest

BJP Slams Mehbooba Mufti: भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) चीफ महबूबा मुफ्ती पर लेबनान के लोगों के साथ एकजुटता में अपना चुनाव अभियान रद्द करने के बाद 'राजनीतिक स्टंट' का सहारा लेने का आरोप लगाया.

मुफ्ती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि लेबनान और गाजा के शहीदों, खास तौर पर हसन नसरुल्लाह के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मैं कल अपना अभियान रद्द कर रही हूं. हम इस दुख और अनुकरणीय प्रतिरोध की घड़ी में फिलिस्तीन और लेबनान के लोगों के साथ खड़े हैं.

महबूबा के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान उनके पूर्व डिप्टी कविंदर गुप्ता ने कहा कि जब हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा था तब पूर्व मुख्यमंत्री चुप रहीं.

कविंदर गुप्ता ने एएनआई से कहा कि महबूबा मुफ़्ती हिज़्बुल्लाह नेता नसरल्लाह की मौत से दुखी हैं, लेकिन जब बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या हो रही थी, तब वह चुप रहीं. ये मगरमच्छ के आंसू हैं, झूठी सहानुभूति के अलावा कुछ नहीं. लोग सब कुछ समझते हैं.

कश्मीर घाटी के एक अन्य भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि दुनिया में कहीं भी युद्ध नहीं होना चाहिए, क्योंकि लोग अपने जीवन में शांति के हकदार हैं.

उन्होंने कहा कि बड़े संघर्षों के बाद, देश अक्सर बातचीत के ज़रिए मुद्दों को सुलझाने के लिए एकजुट होते हैं. हालांकि, उन्होंने टिप्पणी की कि महबूबा मुफ़्ती धार्मिक कार्ड खेल रही हैं. उन्होंने कहा कि यह उनका चुनावी स्टंट है. हम युद्ध में हत्याओं की भी निंदा करते हैं, लेकिन महबूबा मुफ़्ती ने मुस्लिम समुदाय का समर्थन हासिल करने के लिए यह कदम उठाया है.

हिजबुल्लाह के महासचिव हसन नसरल्लाह और उनकी बेटी ज़ैनब की शुक्रवार को उस समय हत्या कर दी गई जब इजरायली सेना ने बेरूत के घनी आबादी वाले दहियाह उपनगर में सिलसिलेवार हमले किए.

नसरल्लाह को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में छह और लोग मारे गए. शनिवार देर रात तक जारी रहे हमलों में अली कराकी, मुहम्मद अली इस्माइल और हुसैन अहमद इस्माइल जैसे हिजबुल्लाह के अन्य कार्यकर्ता भी मारे गए.

इस बीच, शनिवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम और श्रीनगर में इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) द्वारा हसन नसरल्लाह की हत्या के खिलाफ विरोध मार्च निकाला गया. बड़ी संख्या में लोग हसन नसरल्लाह की तस्वीरें लेकर सड़कों पर उतरे.