चुनावी फंडिंग में भाजपा का दबदबा! 1,473 करोड़ मिले, कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा रकम

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा मुख्यालय को 1,472.8 करोड़ रुपये मिले, जबकि कांग्रेस को 207.17 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियां हुईं. चुनाव के बाद दोनों दलों की वित्तीय स्थिति में बड़ा अंतर दिखा.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा और कांग्रेस की चुनावी फंडिंग में बड़ा अंतर सामने आया है. चुनाव आयोग को सौंपे गए खर्च विवरण के मुताबिक, भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय को चुनाव अवधि में 1,472.8 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुईं. यह रकम कांग्रेस की सभी संबंधित इकाइयों की 207.17 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियों से सात गुना से भी ज्यादा है. खास बात यह है कि भाजपा के केरल और पश्चिम बंगाल चुनावों के खर्च विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं.

भाजपा के केंद्रीय खाते में चुनाव अवधि की शुरुआत में 6,722.6 करोड़ रुपये के साथ था. 6 मई को चुनाव अवधि खत्म होने तक यह राशि बढ़कर 7,627.2 करोड़ रुपये हो गई. यानी इस दौरान पार्टी के केंद्रीय खाते में 904.6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज हुई. दूसरी ओर कांग्रेस की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई. पांच राज्यों और केंद्रीय मुख्यालय को मिलाकर उसका शुरुआती बैलेंस करीब 169.06 करोड़ रुपये था, जो घटकर लगभग 103.2 करोड़ रुपये रह गया.

भाजपा ने तीन राज्यों में 159 करोड़ से ज्यादा खर्च किए

भाजपा के अब तक सार्वजनिक हुए खर्च विवरण के अनुसार, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में पार्टी ने करीब 159.7 करोड़ रुपये खर्च किए. इसमें लगभग 130.4 करोड़ रुपये सामान्य पार्टी प्रचार पर और बाकी रकम उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर गई. असम में सबसे ज्यादा 96.27 करोड़ रुपये खर्च हुए. इसमें 76.73 करोड़ रुपये प्रचार और 19.54 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च किए गए.


विज्ञापन और स्टार प्रचारकों पर भारी खर्च

असम में भाजपा के प्रचार खर्च में विज्ञापन पर करीब 37 करोड़ रुपये और स्टार प्रचारकों की यात्रा पर लगभग 27.3 करोड़ रुपये खर्च हुए. तमिलनाडु में पार्टी का कुल खर्च 51.56 करोड़ रुपये रहा. यहां 44.51 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और 7.05 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च हुए. मीडिया विज्ञापनों पर करीब 23.96 करोड़ रुपये और स्टार प्रचारकों की यात्रा पर लगभग 10.04 करोड़ रुपये खर्च किए गए.

कांग्रेस ने प्रचार पर खर्च किए 143 करोड़ रुपये

कांग्रेस ने पांचों राज्यों में कुल 248.55 करोड़ रुपये खर्च किए. इसमें 143 करोड़ रुपये सामान्य पार्टी प्रचार और 105.55 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च हुए. केंद्रीय मुख्यालय ने प्रचार के लिए 40.52 करोड़ रुपये दिए, जबकि राज्य और स्थानीय इकाइयों ने 102.49 करोड़ रुपये खर्च किए. केरल में कांग्रेस का प्रचार खर्च सबसे ज्यादा 59.28 करोड़ रुपये रहा. इसके बाद असम में 22.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए.

2025 में भी भाजपा की फंडिंग रही काफी ज्यादा

राजनीतिक दलों की फंडिंग को लेकर 2025 के आंकड़े भी भाजपा की मजबूत वित्तीय स्थिति दिखाते हैं. ADR की मार्च 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भाजपा को 6,074 करोड़ रुपये का चंदा मिला. यह पिछले वित्त वर्ष के 2,243 करोड़ रुपये से करीब 171 फीसदी ज्यादा था. रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा की घोषित चंदे की राशि कांग्रेस, AAP, CPI(M) और NPEP समेत चार अन्य दलों की कुल घोषित राशि से करीब दस गुना थी.