YEIDA की हरित पहल: फलेदा गौशाला में 5,000 पौधों से बदला परिसर, 600 गायों के लिए नया इको-सिस्टम तैयार
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की फलेदा गौशाला में नवीनीकरण के बाद 5,000 पौधे लगाए गए हैं. दो एकड़ क्षेत्र विकसित किया गया है, जहां 600 निराश्रित गायों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं.
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA ने फलेदा स्थित गौशाला के विकास और हरियाली बढ़ाने की दिशा में काम किया है. 9 सितंबर 2026 को मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने गौशाला के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया.
फलेदा गौशाला में लगाए गए 5,000 पौधे
फलेदा गौशाला में करीब 5,000 पौधे लगाए गए हैं. इसके साथ ही लगभग दो एकड़ क्षेत्र में लॉन विकसित किया गया है. प्राधिकरण के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गौशाला परिसर को अधिक हरा-भरा और व्यवस्थित बनाना है. पौधारोपण के बाद परिसर का वातावरण बेहतर होने के साथ वहां रहने वाली गायों के लिए भी अधिक अनुकूल माहौल तैयार होने की उम्मीद है.
600 निराश्रित गायों के रहने की व्यवस्था
गौशाला में करीब 600 निराश्रित गायों के रहने की व्यवस्था की गई है. उनकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इससे गौशाला में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और पशुओं की स्थिति की निगरानी करने में मदद मिलेगी. प्राधिकरण ने गौशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ इसके रखरखाव पर भी ध्यान दिया है.
Also Read
गोबर और गोमूत्र से बनेगी अगरबत्ती और धूपबत्ती
गौशाला में गोबर, खाद और गोमूत्र से अगरबत्ती और धूपबत्ती तैयार करने के उपकरण भी लगाए गए हैं. इससे गौशाला से निकलने वाले संसाधनों के उपयोग का रास्ता तैयार किया गया है. यानी गोबर और गोमूत्र को केवल अपशिष्ट के तौर पर देखने के बजाय उनसे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की व्यवस्था विकसित की जा रही है.
बारिश के पानी के संचयन के लिए तालाब
गौशाला परिसर के बीच में एक तालाब भी बनाया गया है, ताकि बारिश के पानी का संचयन किया जा सके. निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना से जुड़े कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे. इस मौके पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के साथ अन्य अधिकारियों ने गौशाला में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी ली.