'अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा'... अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर PM मोदी ने किया भावभीना नमन

भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज आठवीं पुण्यतिथि पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी का नाम आज भी सम्मान और दूरदर्शिता के प्रतीक के रूप में लिया जाता है. उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें याद किया जा रहा है. राजधानी दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पर राष्ट्रीय नेतृत्व ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को नमन किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया और स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि दी. अटल जी के भाषण, उनके विचार और लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी भारतीय राजनीति के लिए प्रेरणा माने जाते हैं.

'सदैव अटल' स्मारक पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ समृद्धि स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने स्मारक पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की. इस दौरान देश के कई वरिष्ठ नेताओं और गणमान्य लोगों ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धापूर्वक याद किया.


PM मोदी बोले, उनका जीवन देश सेवा को समर्पित था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें असाधारण राजनेता बताया. उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया. प्रधानमंत्री के अनुसार, उनके विचार, नेतृत्व और विकास की सोच ने भारत को नई दिशा दी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मजबूत आधार तैयार किया.

इन फैसलों ने बदल दी भारत के विकास की दिशा

अटल बिहारी वाजपेयी का कार्यकाल कई ऐतिहासिक निर्णयों के लिए जाना जाता है. उनके नेतृत्व में पोखरण परमाणु परीक्षण ने भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत किया. इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग परियोजना ने देश के बुनियादी ढांचे को नई गति दी और विकास का नया अध्याय लिखा.

आज भी गूंजते हैं अटल जी के लोकतांत्रिक विचार

'सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी, मगर ये देश रहना चाहिए, देश का लोकतंत्र रहना चाहिए.' अटल बिहारी वाजपेयी का यह संदेश आज भी लोकतंत्र की सबसे मजबूत आवाज माना जाता है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा और टेलीकॉम क्षेत्र में उनके निर्णयों ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया. यही वजह है कि उनकी पुण्यतिथि केवल स्मरण नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को दोहराने का अवसर भी बन गई है.