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India Daily

TMC Leader Apology: 'हमारे नेताओं ने रुपये लिए लेकिन चुप हैं..,'TMC पार्षद ने स्कूल भर्ती घोटाले मामले में मांगी माफी, कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक

पश्चिम बंगाल के तामलुक से टीएमसी पार्षद पार्थसारथी मैती का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने स्कूल भर्ती घोटाले में अपनी ही पार्टी के नेताओं की मिलीभगत पर जनता से माफी मांगी. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वी मेदिनीपुर में अयोग्य शिक्षकों की अवैध नियुक्ति कराई गई और अब मास्टरमाइंड को बचाया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही 26,000 से अधिक नियुक्तियां रद्द कर चुका है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
TMC Leader Apology: 'हमारे नेताओं ने रुपये लिए लेकिन चुप हैं..,'TMC पार्षद ने स्कूल भर्ती घोटाले मामले में मांगी माफी, कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक
Courtesy: Social Media

TMC Leader Apology: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक पार्षद का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने स्कूल भर्ती घोटाले को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए और जनता से माफी मांगी. तामलुक नगर पालिका के वार्ड संख्या 10 से टीएमसी पार्षद और पेशे से वकील पार्थसारथी मैती वीडियो में कान पकड़कर खड़े दिखाई दे रहे हैं और रोते हुए कह रहे हैं, 'हमारे जिले के नेताओं ने रुपये लिए लेकिन बोल नहीं रहे हैं.'

मैती ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि वह इसलिए लगातार बड़े-बड़े भाषण दे रहे हैं क्योंकि टीएमसी का नेतृत्व चुप है. उन्होंने जनता से कहा, 'मैं उनकी तरफ से माफी मांगता हूं.' शुभेंदु अधिकारी दिसंबर 2020 में विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे और अब राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं.

अयोग्य शिक्षकों की अवैध नियुक्ति 

पार्षद ने आरोप लगाया कि पूर्वी मेदिनीपुर, जिसे शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है, वहां 2016 में कई अयोग्य शिक्षकों की अवैध नियुक्ति कराई गई थी. उनका दावा है कि इस काम में टीएमसी नेताओं का एक वर्ग शामिल था और अब वही लोग 'मास्टरमाइंड' को बचा रहे हैं. मैती ने कहा कि जिले के सभी नेता जानते हैं कि घोटाले के पीछे कौन है, लेकिन कोई सामने बोलने की हिम्मत नहीं करता.

टीएमसी विपक्ष के निशाने पर

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में राज्य सरकार के स्कूलों में 26,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द कर दी थी. अदालत ने पाया था कि 2016 की भर्ती प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण थी और इसमें अनियमितताएं हुई थीं. इसके बाद से ही राज्य सरकार और सत्तारूढ़ टीएमसी विपक्ष के निशाने पर है.

नेता की चुप्पी को बताया शर्मनाक 

मैती ने वीडियो में यह भी कहा कि पूर्वी मेदिनीपुर आजादी और आंदोलनों की धरती है, लेकिन आज शुभेंदु अधिकारी गर्व से घूम रहे हैं क्योंकि जिले के कुछ नेताओं ने उनकी मदद की थी. उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेता की चुप्पी को शर्मनाक बताया.