IPL 2026

गाय से ऊंट तक... बकरीद पर किस राज्य में किन जानवरों की कुर्बानी है बैन? जानें

बकरीद पर देश के अलग-अलग राज्यों में जानवरों की कुर्बानी को लेकर अलग कानून लागू हैं. प्रशासन ने खुले में कुर्बानी और नियमों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाई है. चलिए जानते हैं किस राज्य में किस जानवर की कुर्बानी पर है प्रतिबंध.

Pinterest
Km Jaya

नई दिल्ली: बकरीद के दौरान धार्मिक बलि का मुद्दा काफी चर्चा में रहा है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली समेत कई राज्यों की सरकारों ने इस संबंध में खास गाइडलाइंस और एडवाइजरी जारी की हैं. खुले में बलि देने पर रोक लगा दी गई है और गाय, ऊंट और बछड़ों जैसे जानवरों की बलि पर सख्त पाबंदी है. जानवरों को काटने से जुड़े नियम हर राज्य में अलग-अलग हैं. 

कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गायों को काटना पूरी तरह से मना है. इनमें से कई जगहों पर सांडों और बछड़ों को काटना भी मना है. कानूनी नियमों के मुताबिक दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और चंडीगढ़ राज्यों में गायों को काटना मना है.

क्या कहता है उत्तर प्रदेश का कानून?

उत्तर प्रदेश का कानून इस मामले में सबसे पुराने कानूनों में से एक माना जाता है, जो 1955 का है. यह कानून राज्य में कहीं भी किसी भी व्यक्ति को गाय, सांड या बछड़े को काटने या कटवाने के लिए पेश करने से रोकता है. इसके अलावा यह कानून किसी भी दूसरे कानून या स्थानीय रीति-रिवाज से ऊपर माना जाता है.

पंजाब और महाराष्ट्र में क्या है कानून?

पंजाब में भी लगभग ऐसा ही कानून है जो गायों को काटने पर रोक लगाता है. हालांकि कुछ मामलों में छूट दी जाती है, जैसे कि जब कोई पशु चिकित्सक यह प्रमाणित कर दे कि जानवर बीमार है या उसे कोई संक्रामक बीमारी हो गई है. महाराष्ट्र में दूसरे राज्य से लाए गए बीफ को अपने पास रखना कोई आपराधिक जुर्म नहीं माना जाता है.

अन्य राज्यों में क्या है कानून?

जहां कई राज्यों में गायों और बछड़ों को काटना मना है, वहीं भैंसों को काटने की इजाजत है. इस श्रेणी में बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गोवा जैसे राज्य शामिल हैं. इसके उलट, केरल, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों में गायों को काटने पर पूरी तरह से रोक नहीं है. हालांकि, सभी राज्यों में जानवरों को काटने की इजाजत सिर्फ लाइसेंस वाली जगहों पर ही है. 

ऊंटों से जुड़े नियम क्या हैं?

राजस्थान में ऊंटों को लेकर कड़े नियम हैं. राजस्थान सरकार ने ऊंट को 'राज्य पशु' घोषित किया है; जिसके वजह से इसे गाय के समान ही संरक्षण प्रदान किया गया है. यह कानून ऊंटों की घटती आबादी को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया था. 

जिसके वजह से राजस्थान में ऊंटों के वध पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. कुछ साल पहले राजस्थान के टोंक में ऊंटों की बलि देने की प्रथा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था. यह एक ऐसी प्रथा थी जो वहां पिछले 150 वर्षों से चली आ रही थी.