'अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश', भारत ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान वाले बयान को किया खारिज
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बलूचिस्तान में हुए हमलों में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था. इन हमलो में 84 पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मी मारे गए.
भारत ने रविवार को पाकिस्तान के उन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया, जिसमें उसने बलूचिस्तान में हाल की हिंसा के लिए भारत का हाथ बताया था. भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने की पुरानी आदत दोहरा रहा है.
'पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'हम पाकिस्तान के इन बेबुनियाद आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं. ये उसकी पुरानी रणनीति है, जिससे वह अपनी घरेलू कमजोरियों से ध्यान हटाना चाहता है.'
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान देना चाहिए, बजाय हर हिंसक घटना के बाद बेकार के दावे करने के. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'हर बार हिंसा होने पर बेतुके आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को क्षेत्र के लोगों की पुरानी मांगों को पूरा करने पर फोकस करना चाहिए. वहां दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का इतिहास सबके सामने है.'
पाकिस्तान ने भारत पर लगाए थे आरोप
ये प्रतिक्रिया तब आई जब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बलूचिस्तान में हुए हमलों में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था. इससे पहले शनिवार को बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' के तहत बलूचिस्तान के कई शहरों में समन्वित हमले किए थे.
बीएलए ने दावा किया कि उसने 14 शहरों में सैन्य, प्रशासनिक और सुरक्षा ठिकानों पर हमला किया. उसके अनुसार, 84 पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मी मारे गए, 18 को जिंदा पकड़ा गया, 30 सरकारी संपत्तियां नष्ट या कब्जे में ली गईं और 23 वाहन जला दिए गए. समूह ने कहा कि कई जगहों पर उसने दुश्मन के पोस्ट पर कब्जा कर लिया है और कई शहरों में दुश्मन की आवाजाही रोक दी है. यह अभियान जारी है और इसमें फतेह स्क्वाड, मजीद ब्रिगेड जैसी इकाइयां शामिल हैं.
बीएलए ने दावा किया कि स्थानीय लोग और निर्वासित बलूच नेता भी इसका समर्थन कर रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान की सेना ने अलग कहानी बताई. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 92 से ज्यादा उग्रवादियों को मार गिराया, जबकि झड़पों में 15 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए.
कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तानी पक्ष ने मारे गए उग्रवादियों की संख्या 145 तक बताई है. यह घटना बलूचिस्तान में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को फिर से उजागर करती है, जहां अलगाववादी समूह पाकिस्तानी राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. दोनों तरफ से अलग-अलग दावे आ रहे हैं, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है.