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Asha Kiran row: 14 मौतें संयोग नहीं, दिल्ली शेल्टर होम मामले में हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

दिल्ली के रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम में पिछले महीने 14 लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में 8 महिलाएं और 6 पुरुष हैं. अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी आई है. हाई कोर्ट ने कहा कि आशा किरण शेल्टर होम में कई लोगों की मौत अजब संयोग है. सुधारात्मक उपायों की जरूरत है.

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली जल बोर्ड को रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम में पानी की गुणवत्ता और सीवर पाइपलाइनों में पानी की स्थिति की जांच करने का आदेश दिया. यह आदेश तब आया जब यह पता चला कि जुलाई में  शेल्टर होम के लगभग 14 लोगों की मृत्यु हो गई थी. अदालत ने दिल्ली सरकार के समाज कल्याण सचिव को शेल्टर होम में रहने की स्थिति पर एक रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया.

हाई कोर्ट ने कहा कि आशा किरण शेल्टर होम में कई लोगों की मौत अजब संयोग है. सुधारात्मक उपायों की जरूरत है. कोर्ट ने समाज कल्याण विभाग के सचिव को आश्रय गृह का दौरा कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मौतें होना महज संयोग नहीं हो सकता.

पानी की गुणवत्ता ठीक करो

पीठ ने कहा कि थोड़े ही समय में बहुत अधिक मौतें हुई हैं. मौतों की संख्या 14 है. अदालत ने प्राधिकारियों को  शेल्टर होम में भीड़भाड़ कम करने का भी निर्देश दिया. पीठ ने कहा, सारांश पर सरसरी नजर डालने से पता चलता है कि सभी मौतें इसलिए हुईं क्योंकि मरीज टीबी से पीड़ित थे. दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया जाता है कि वह पानी की गुणवत्ता के साथ-साथ पानी और सीवर पाइपलाइनों की स्थिति की तुरंत जांच करे और रिपोर्ट दाखिल करे.

परिसर को भीड़भाड़ कम की जाए

कोर्ट ने कहा कि यदि परिसर में बहुत अधिक लोग रहते हैं तो परिसर को भीड़भाड़ से मुक्त किया जाएगा और वहां रहने वालों को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर चले जाना चाहिए. रिपोर्टों के अनुसार, फरवरी से अब तक शेल्टर होम में 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें जुलाई में 14 लोग शामिल हैं. इस महीने की शुरुआत में आप विधायक कुलदीप कुमार ने केंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाया था और दिल्ली के उपराज्यपाल से अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था.

उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि  शेल्टर होम का प्रशासक ऐसा क्यों था, जिसे 2016 में सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था और वह पांच साल तक निलंबित रहा. मैं उपराज्यपाल वीके सक्सेना से पूछना चाहता हूं कि किस आधार पर ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया.

क्या है पूरा मामला? 

दिल्ली के रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम में पिछले महीने 14 लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में 8 महिलाएं और 6 पुरुष हैं. यह दिल्ली सरकार की तरफ से संचालित एकमात्र संस्था है, जहां मानसिक रूप से कमजोर लोगों की देखभाल की जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक शेल्टर होम में फरवरी 2024 से अबतक 25 मौतें हो चुकी हैं.