पेपर लीक पर अब होगा सबसे बड़ा प्रहार! लोकसभा से पास हुआ नया एंटी पेपर लीक बिल
लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया. सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार का संशोधित एंटी पेपर लीक विधेयक लोकसभा से पारित हो गया. विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनिमत से मंजूरी मिले इस विधेयक को सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में भरोसा मजबूत करने वाला कदम बताया.
लोकसभा से ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक
लोकसभा ने बुधवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिसके बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश किया. उन्होंने कहा कि यह संशोधन सार्वजनिक परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उनके अनुसार, समय-समय पर सामने आए अनुभवों के आधार पर कानून को और प्रभावी बनाने के लिए बदलाव किए गए हैं, ताकि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्ती से रोक लगाई जा सके.
सरकार ने गिनाए कानून के प्रभाव
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में त्वरित कार्रवाई की थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है. उन्होंने सदन को बताया कि वर्ष 2024 में एंटी पेपर लीक कानून लागू होने के बाद अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क पर अंकुश लगाने में मदद मिली है और कानून का असर जमीन पर दिखाई देने लगा है.
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आत्महत्याओं में कमी का भी दावा
जितेंद्र सिंह ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के कारण होने वाली आत्महत्या की घटनाओं में भी पिछले वर्षों की तुलना में कमी दर्ज की गई है. उनके अनुसार, यह संकेत देता है कि सख्त कानूनी प्रावधानों का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. सरकार का कहना है कि परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया भी जरूरी है और इसी सोच के तहत संशोधन लाया गया है.
विपक्ष के हंगामे के बीच पूरी हुई कार्यवाही
विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में विपक्ष का विरोध जारी रहा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. हालांकि, हंगामे के बीच सरकार ने विधेयक पारित करा लिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. सरकार का कहना है कि संशोधित कानून से सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत होगा.