108 से ज्यादा के साथ की दरिंदगी...350 क्लिप वायरल, जानें कैसे लड़कियां बनती गईं शिकार; आरोपी गिरफ्तार
अमरावती के परतवाड़ा में 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो वायरल होने और 100 से अधिक लड़कियों के शोषण का मामला सामने आया है. मुख्य आरोपी गिरफ्तार है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.
अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में एक अश्लील वीडियो स्कैंडल ने पूरे समुदाय को हिलाकर रख दिया है. सोशल मीडिया पर 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो वायरल हो गए हैं, जिनमें कई लड़कियों के साथ आपत्तिजनक हरकतें दिखाई गई हैं.
आरोप है कि इस मामले में लगभग 108 लड़कियों का शोषण किया गया है, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल हैं. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान को गिरफ्तार कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान पहले युवतियों को प्रेम संबंधों के जाल में फंसाता था. इसके बाद, वह उनके निजी पलों के वीडियो रिकॉर्ड करता था और उन्हीं वीडियो का इस्तेमाल करके उन्हें ब्लैकमेल करता था. रिपोर्टों के अनुसार इन वीडियो को बाद में इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया था.
पुलिस ने क्या बताया?
इस मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान पर आरोप है कि उसने युवतियों को ब्लैकमेल करने और उनका यौन शोषण करने के लिए उन्हें प्रेम संबंधों के जाल में फंसाया. अब इस मामले में एक और आरोपी का नाम सामने आया है.
पुलिस ने 20 साल के हुजेर खान इकबाल खान को भी आरोपी बनाया है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है. पुलिस को आशंका है कि इस मामले में शिकायतकर्ताओं की संख्या और बढ़ सकती है. जिसके वजह से आरोपियों की संख्या और दर्ज मामलों की संख्या भी बढ़ सकती है.
क्या लिया गया एक्शन?
इस गंभीर मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें POCSO एक्ट भी शामिल है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि क्या इतने बड़े पैमाने पर वीडियो वायरल होने के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था.
अधिकारियों ने क्या कहा?
इस बीच अमरावती के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने पीड़ितों से आगे आकर अपनी शिकायतें दर्ज कराने की अपील की है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि सभी शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान की जाएगी.