'फैक्ट्री में किसका पैसा लगा है?', कोलकाता के गोदाम में लगी आग को लेकर अमित शाह ने ममता सरकार पर बोला जोरदार हमला
अब तक 25 शव बरामद हो चुके हैं और 27 लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं. पुलिस ने कई परिवारों से डीएनए सैंपल लिए हैं ताकि शवों की पहचान हो सके.
कोलकाता के पास आनंदपुर इलाके में एक गोदाम में लगी भीषण आग ने 25 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. यह आग सोमवार की सुबह करीब 3 बजे लगी थी. पहले एक सजावट वाली कंपनी के गोदाम में लगी, फिर यह जल्दी ही पास के वाऊ मोमो के गोदाम में फैल गई. उस वक्त कई मजदूर सो रहे थे और आग इतनी तेज थी कि वे बाहर नहीं निकल पाए. अब तक 25 शव बरामद हो चुके हैं और 27 लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं. पुलिस ने कई परिवारों से डीएनए सैंपल लिए हैं ताकि शवों की पहचान हो सके.
गोदाम में नहीं थे आग से बताव के सही इंतजाम
जांच में पता चल रहा है कि गोदाम में आग से बचाव के सही इंतजाम नहीं थे. मुख्य दरवाजे पर सामान के ढेर लगे थे, जिससे निकलना मुश्किल हो गया. वाऊ मोमो का यह गोदाम करीब 12,000 वर्ग फुट का था, जहां पैकेजिंग का सामान, कोल्ड ड्रिंक और अन्य चीजें रखी जाती थीं.
अमित शाह ने ममता सरकार पर बोला हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर 24 परगना में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में इस घटना पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह आग कोई हादसा नहीं थी, बल्कि ममता बनर्जी सरकार की भ्रष्टाचार की वजह से हुई.
'ममता सरकार के भ्रष्टाचार के कारण लगी आग'
उन्होंने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "मैं उन सभी मजदूरों को श्रद्धांजलि देता हूं जो आनंदपुर के मोमो फैक्ट्री में आग में मारे गए. यह आग संयोग से नहीं लगी. ममता सरकार का भ्रष्टाचार इसके पीछे है."
'फैक्ट्री के मालिक किसके साथ उड़ान भरते हैं'
शाह ने कई सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "मोमो फैक्ट्री में किसका पैसा लगा है? मालिक विदेशी उड़ान किसके साथ भरते हैं? मालिक को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?" उन्होंने कहा कि आग लगने के 32 घंटे बाद मंत्री मौके पर पहुंचे, जबकि मजदूर अंदर चीख रहे थे और सरकार चुप थी. उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री पूरी जांच कराएं और दोषियों को जेल भेजें. विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और हादसे के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया.
वाऊ मोमो का मैनेजर, डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार
पुलिस ने वाऊ मोमो के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार किया है. इस घटना को लेकर बंगाल में राजनीतिक पारा गरमा गया है. लोग अब सुरक्षित काम के माहौल और सख्त जांच की मांग कर रहे हैं. इस घटना ने विपक्ष को ममता सरकार पर हमला बोलने का पूरा मौका दे दिया है.