'जब बंगाली मुसलमानों को सूअर कहा था तो सीसा पिलाही भूल गए थे', ऑपरेशन 'बुनयान अल-मरसूस' के लिए ओवैसी ने पाकिस्तान को लगाई लताड़
औवैसी ने का कि ये पाकिस्तानी इतने झूठे हैं कि ये कुरान की आयत का भी पूरी तरह से मकसद हासिल नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि जब वो (पाकिस्तानी) बांग्लादेश के मुसलमानों (1971) पर गोलियां चला रहे थे तब क्या आप सीसा पिलाई भूल गए थे.
ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान ने ऑपरेशन 'बुनयान अल-मरसूस' लॉन्च किया है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस ऑपरेशन को लेकर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है. ओवैसी ने कहा, 'पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का जो नाम 'बुनयान अल-मरसूस' रखा है, ये कुरान शरीफ की अस-सफ सूरत की आयत नंबर चार है, जिसमें अल्लाह ये कह रहा है कि अगर तुम अल्लाह से मोहब्बत करते हो तो सीसा पिलाही की दीवार की तरह खड़े हो जाओ लेकिन ये पाकिस्तानी और उनकी सेना इतने झूठे हैं कि जब वे इससे पहले उसी सूरत की आयत नंबर-2 में देखेंगे तो उसमें अल्लाह ये फरमा रहा है कि तुम क्यों ऐसी बात करते हो जो तुम करते ही नहीं हो. इसके बाद ये आयत आ रही है. ये पाकिस्तानी इतने झूठे हैं कि ये कुरान की आयत का भी पूरी तरह से मकसद हासिल नहीं करना चाहते.'
जब बंगाली पाकिस्तानियों को सूअर कहा था तब...
जब वो (पाकिस्तानी) बांग्लादेश के मुसलमानों (1971 में) पर गोलियां चला रहे थे तब क्या आप सीसा पिलाई भूल गए थे. ओवौसी ने कहा कि उस जमाने में पाकिस्तान के बहुत बड़े लीडर भुट्टो ने बंगाली मुसलमानों को सूअर कहा था. इसके अलावा पाकिस्तान के एक और कद्दावर नेता ने कहा था कि भारत के जो मुसलमान है वो बेहद ही निचली जाति के हैं. अफसोस होता है कि ये गलत मसला बनाकर कुरान की आयत को कोट कर रहे हैं.
जो शरारत करना चाहते थे वो तोड़कर चले गए
हैदराबाद के फतेह मैदान स्थित प्रेस क्लब में उर्दू पत्रकार पुरस्कार कार्यक्रम में बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि ये बड़ी तकलीफ की बात है कि जो लोग हमसे टूटकर इस मुल्क को तोड़कर गए हैं वो आज 75 सालों बाद भी भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. जो शरारत करना चाहते थे वो तोड़कर चले गए और जो अमन पसंद करते थे वो यहां ठहरे रहे, यही हकीकत है.