हॉस्टल के खाने में मिले कीड़े, छात्राओं का हंगामा; 14 मांगों पर मिला आश्वासन

अहमदाबाद स्थित गुजरात यूनिवर्सिटी के पास समरस गर्ल्स हॉस्टल में खाने की क्वालिटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें परोसे गए खाने में कीड़े मिले हैं.

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Shilpa Srivastava

अहमदाबाद स्थित गुजरात यूनिवर्सिटी के पास समरस गर्ल्स हॉस्टल में खाने की क्वालिटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें परोसे गए खाने में कीड़े मिले हैं. इसके बाद हॉस्टल की छात्राओं में नाराजगी देखी गई. उन्होंने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. छात्राओं का कहना है कि खाने की क्वालिटी को लेकर पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ. इसी वजह से इस बार विरोध तेज हो गया.

छात्राओं ने रखीं 14 मांगें: 

विरोध के दौरान छात्राओं और NSUI से जुड़े लोगों ने हॉस्टल प्रशासन के सामने करीब 14 मांगें रखीं. इनमें खाने की क्वालिटी सुधारना, साफ-सफाई बेहतर करना और छात्रों की दूसरी बुनियादी समस्याओं का समाधान करना शामिल है. छात्रों की मांग थी कि खाने की निगरानी बेहतर हो और खाना उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाए. इससे पहले भी छात्रों ने भोजन की क्वालिटी को लेकर शिकायतें की थीं.

प्रशासन ने 10 दिन में समाधान का दिया भरोसा:

विरोध बढ़ने के बाद हॉस्टल प्रशासन ने छात्रों से बातचीत की. रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन ने 14 मांगों पर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया है. प्रशासन की ओर से कहा गया है कि इन समस्याओं को अगले 10 दिनों में दूर करने की कोशिश की जाएगी. आश्वासन मिलने के बाद विरोध समाप्त किया गया. हालांकि, छात्रों ने संकेत दिया है कि अगर तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन दोबारा तेज किया जा सकता है.


AMC ने भी की जांच, लगाया जुर्माना:

मामले के बाद अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की टीम ने हॉस्टल में निरीक्षण किया. जांच के दौरान भोजन के नमूने भी लिए गए और हॉस्टल की खाद्य व्यवस्था की जांच की गई. रिपोर्ट के मुताबिक, AMC ने खाद्य क्वालिटी से जुड़ी लापरवाही को लेकर ₹25,000 का जुर्माना लगाया.

मुंबई के कैफे मोंडेगर पर भी कार्रवाई:

खाने की क्वालिटी से जुड़ा एक और मामला मुंबई में सामने आया था. सितंबर में महाराष्ट्र FDA ने कोलाबा के मशहूर Cafe Mondegar का लाइसेंस निलंबित किया था. 12 सितंबर की जांच में भोजन का तापमान बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को ठंडा करने, ड्रेनेज और साफ-सफाई से जुड़ी कमियां पाई गई थीं.