दिल्ली के बाद अब मुंबई एयरपोर्ट पर तकनीकी गड़बड़ी, कई उड़ानें प्रभावित
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तकनीकी गड़बड़ी के कुछ घंटे बाद ही मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर भी उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं.
देश के दो सबसे व्यस्त हवाई अड्डों दिल्ली और मुंबई में शुक्रवार को तकनीकी खराबी के कारण उड़ान संचालन पर असर पड़ा. दिल्ली में गुरुवार रात शुरू हुई यह गड़बड़ी शुक्रवार दोपहर मुंबई तक पहुंच गई. इस तकनीकी समस्या ने एयर ट्रैफिक सिस्टम को प्रभावित किया, जिससे देशभर में उड़ानों के संचालन में देरी होने लगी. अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी टीम सिस्टम को दुरुस्त करने में जुटी है और जल्द ही सामान्य संचालन बहाल किया जाएगा.
तकनीकी खराबी से प्रभावित हुआ एयर ट्रैफिक सिस्टम
मुंबई एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि यह समस्या दिल्ली के ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में आई खराबी के कारण हुई. यह सिस्टम हवाई यातायात नियंत्रण और उड़ान योजना तैयार करने में अहम भूमिका निभाता है. गड़बड़ी के चलते उड़ानों की सूचना और योजनाएं स्वचालित रूप से अपडेट नहीं हो पा रही थीं, जिससे संचालन में देरी हो रही है.
मैनुअल ऑपरेशन से धीमा हुआ कामकाज
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने पुष्टि की कि सिस्टम के ठप पड़ने से एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मैनुअल मोड पर काम करना पड़ा. इससे उड़ानों का समन्वय धीमा हो गया और दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे के एयरस्पेस पर असर पड़ा. मुंबई एयरपोर्ट पर शाम 5 बजे तक औसतन 37 मिनट की देरी दर्ज की गई.
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इंडिगो ने यात्रियों को दी सलाह
तकनीकी समस्या को देखते हुए इंडिगो एयरलाइन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की. कंपनी ने कहा कि वे यात्रियों को हर संभव सहायता और अपडेट देने की कोशिश कर रहे हैं. एयरलाइन ने कहा कि अधिकारी सिस्टम को पूरी तरह बहाल करने में लगे हैं और यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति के बारे में एयरलाइन से संपर्क बनाए रखना चाहिए.
दिल्ली एयरपोर्ट पर भी 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी गुरुवार रात यह गड़बड़ी शुरू हुई थी, जिससे 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं. ऑटोमैटिक सिस्टम बंद होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को फ्लाइट प्लान मैनुअल रूप से दर्ज करने पड़े, जिससे संचालन धीमा पड़ गया. कई शाम की उड़ानें पार्किंग स्पेस की कमी के कारण रद्द करनी पड़ीं.
विशेषज्ञों ने बताया देरी का कारण
एविएशन विशेषज्ञ कैप्टन शरथ पनिक्कर ने बताया कि इस सिस्टम की खराबी के चलते सभी डेटा मैनुअली एंट्री करना पड़ रहा है, जिससे उड़ानें देरी से रवाना हो रही हैं. उन्होंने कहा कि “एक बार विमान उड़ान भर ले, तब प्रभाव कम होता है, लेकिन टेकऑफ में अधिक समय लग रहा है.” अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि सिस्टम जल्द बहाल हो जाएगा.