Weather IMD

राघव चड्ढा के विरोध में आप नेताओं की रैली, जबकि समर्थन में उतरी बीजेपी, केजरीवाल को बताया इस्तेमाल करने वाला

आम आदमी पार्टी में राघव चड्ढा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. पार्टी नेताओं ने उन पर पीएम मोदी के खिलाफ न बोलने का आरोप लगाया हैं जबकि भाजपा पूरी तरह से राघव चड्ढा के समर्थन में उतर आई है.

x
Sagar Bhardwaj

आम आदमी पार्टी में इन दिनों अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा पर उनकी ही पार्टी के नेता लगातार निशाना साध रहे हैं. पार्टी नेताओं ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं चड्ढा ने इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताया है. इस पूरे विवाद में अब भाजपा भी कूद पड़ी है और उसने चड्ढा का समर्थन करते हुए अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाए हैं.

AAP बनाम राघव चड्ढा: खुलकर सामने आया विवाद

राघव चड्ढा के बयान के बाद पार्टी के कई नेताओं ने एक के बाद एक वीडियो जारी कर उन पर हमला बोला और आरोप लगाया कि वह संसद में जरूरी मुद्दों की बजाय हल्के विषय उठाते रहे और प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलने से बचते रहे. इस बयानबाजी से साफ हो गया है कि पार्टी के अंदर का मतभेद अब सार्वजनिक हो चुका है.

नेताओं के आरोप: ‘डर गए तो खत्म

दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो डर जाता है, वह खत्म हो जाता है. वहीं आतिशी और संजय सिंह ने भी सवाल उठाए कि आखिर चड्ढा ने एलपीजी संकट, चुनाव आयोग और पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर चुप्पी क्यों साधी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा पार्टी के आंदोलनों से दूरी बनाए हुए थे.

चड्ढा के समर्थन में उतरी बीजेपी

इस पूरे विवाद में भाजपा ने चड्ढा का समर्थन किया है. भाजपा नेताओं ने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वह लोगों का इस्तेमाल कर उन्हें किनारे कर देते हैं.  दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि चड्ढा को बहुल पहले ही बोलना चाहिए था.  उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, 'राघव चड्ढा को बहुत पहले ही अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए थी. अरविंद केजरीवाल में एक खास हुनर है, पहले वो लोगों का इस्तेमाल करते हैं और फिर छुटकारा पा लेते हैं.'

उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाना उनकी पार्टी का फैसला है और सभी पार्टियां ऐसे  फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है. हालांकि आपत्ति राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को बोलने की अनुमति न देने के अनुरोध पर है. अरविंद केजरीवाल एक डरे हुए, कमजोर व्यक्ति हैं. उन्हें विपक्ष नापसंद है और वे दूसरों की काबीलियत से भयभीत हैं.

बीजेपी में शामिल हो सकते हैं राघव

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि आप नेता अशोक मित्त ने कहा कि ये अफवाहें हैं और उन्हें कहीं भी असंतोष का कोई संकेत नहीं मिला है.  राघव चड्ढा पंजाब के राज्यसभा से सांसद हैं. उन्हें अप्रैल 2022 में पंजाब विधानसभा द्वारा चुना गया था और उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 में समाप्त होगा.