देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा सिस्टम

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों से वापसी शुरू कर दी है, लेकिन देश के कई राज्यों में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा. बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम सिस्टम डिप्रेशन में बदल सकता है, जिसके चलते देश केकई हिस्सोंमें भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

ANI
Shanu Sharma

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, 21 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों से भी वापसी कर ली. अगले 2-3 दिनों में पंजाब के बाकी हिस्सों, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, राजस्थान के कुछ और इलाकों और सौराष्ट्र-कच्छ से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.

इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मानसून की वापसी शुरू हो सकती है. हालांकि, देश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का दौर बना रहेगा.

दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश के आसार

दिल्ली-NCR में 26-27 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी इन दो दिनों के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड में 26-27 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. ओडिशा में 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका है. छत्तीसगढ़ में 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.


दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 27 सितंबर तक बारिश जारी रह सकती है. केरल में 23-25 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है. तटीय कर्नाटक में 23 सितंबर को बहुत भारी और 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 22 सितंबर को बहुत भारी तथा 23-24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. तेलंगाना में भी 23-25 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है. IMD ने बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की चेतावनी दी है. 22-24 सितंबर के दौरान कई समुद्री हिस्सों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं.