मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की परीक्षा में लगभग 7,750 ड्राइवर फेल हो गए हैं. राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साफ कहा है कि 15 अगस्त की समय सीमा बढ़ाई नहीं जाएगी. ड्राइवरों को मराठी सीखने की बाध्यता है और समय पर पास न होने वाले ड्राइवरों को आगे की प्रक्रिया से गुजरना होगा.
सरकार के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 25,000 से अधिक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर अभी तक मराठी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमाणपत्र नहीं ले पाए हैं. जो ड्राइवर परीक्षा में असफल रहे हैं, उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी. इसके पहले उन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण लेना जरूरी है. यह अतिरिक्त सत्र अगले एक से दो हफ्तों में पूरे होने की उम्मीद है.
करीब 17,427 ड्राइवर ऐसे हैं जिन्होंने 15 अगस्त की समय सीमा तक प्रशिक्षण पूरा नहीं किया. मुंबई में सबसे ज्यादा 9,196 ड्राइवर प्रशिक्षण के इंतजार में हैं. ठाणे में 4,871, नवी मुंबई में 1,400, पालघर में 350 और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 1,610 ड्राइवर बाकी हैं.
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने साहित्यिक संगठनों के सहयोग से यह कार्यक्रम चलाया था. लगभग 1.70 लाख आवेदनों में से अब तक 1.40 लाख से अधिक ड्राइवर प्रशिक्षण पूरा कर परीक्षा पास कर चुके हैं. यह पहल इसलिए शुरू की गई क्योंकि कई ऑटो और टैक्सी ड्राइवर दूसरे राज्यों से आते हैं और स्थानीय भाषा समझने-बोलने में दिक्कत महसूस करते हैं. इसलिए सरकार ने मूलभूत मराठी ज्ञान अनिवार्य कर दिया है.
महाराष्ट्र मोटर वाहन (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 के अनुसार अगर कोई ड्राइवर जरूरी ज्ञान नहीं रखता पाया जाता है तो लाइसेंसिंग अधिकारी एक महीने का नोटिस देगा. इस अवधि में ज्ञान हासिल न करने पर लाइसेंस पर दिए गए प्राधिकार को तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है. अधिकारियों को लिखित कारण भी दर्ज करने होंगे.
सरकार का जोर है कि यात्रियों के साथ सहज संवाद के लिए मराठी सीखना जरूरी है. फेल हुए ड्राइवरों को जल्द दोबारा तैयारी कर परीक्षा पास करनी होगी अन्यथा उनका लाइसेंस प्रभावित हो सकता है. मुंबई और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में ड्राइवर अभी प्रशिक्षण की कतार में हैं. समय सीमा बीत चुकी है इसलिए अब बाकी बचे ड्राइवरों को जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करनी होगी.