नई दिल्ली: रेल यात्रियों के लिए रेलवे ने एक अहम कदम उठाया है. रेलवे बोर्ड ने सात नई Amrit Bharat Express सेवाओं को मंजूरी दी है. प्रस्तावित ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों को कम किराये में बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से शुरू की जाएंगी. इन सेवाओं से झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के बीच सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी. इनमें कुछ ट्रेनें साप्ताहिक आधार पर चलाने का प्रस्ताव है.
धनबाद-कोयंबटूर Amrit Bharat Express को मंजूरी मिली है. यह झारखंड और तमिलनाडु को जोड़ेगी. प्रस्तावित ठहरावों में धनबाद, गोमो, पारसनाथ, कोडरमा, गया, सासाराम, प्रयागराज छिवकी, कटनी, जबलपुर, इटारसी, नागपुर, विजयवाड़ा, नेल्लोर, रेनिगुंटा, सेलम, ईरोड और तिरुप्पुर शामिल हैं. यह सेवा कई राज्यों से गुजरते हुए लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाएगी.
प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस और प्रयागराज-उधना Amrit Bharat Express को भी मंजूरी दी गई है. दोनों प्रस्तावित सेवाएं साप्ताहिक होंगी. प्रयागराज-LTT ट्रेन के प्रमुख ठहराव सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल और कल्याण होंगे. वहीं प्रयागराज-उधना सेवा फतेहपुर, कानपुर, आगरा, कोटा, रतलाम और वडोदरा होते हुए उधना पहुंचेगी.
सुबेदारगंज-LTT Amrit Bharat Express प्रयागराज क्षेत्र को मुंबई से जोड़ेगी. इसके प्रमुख ठहराव बांदा, चित्रकूटधाम कर्वी, सतना, कटनी, जबलपुर, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे होंगे. इसके अलावा गोरखपुर-दिल्ली Amrit Bharat Express भी साप्ताहिक चलेगी. यह गोरखपुर से दिल्ली के बीच गोंडा, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद जैसे शहरों को जोड़ेगी.
गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस Amrit Bharat Express पूर्वी उत्तर प्रदेश को मुंबई से जोड़ेगी. प्रस्तावित मार्ग में लखनऊ, कानपुर, आगरा, भरतपुर, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वापी, बोरीवली और बांद्रा शामिल हैं. इस सेवा से राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के रास्ते गोरखपुर और मुंबई के बीच यात्रा आसान होने की उम्मीद है.
चार्लापल्ली-गोरखपुर Amrit Bharat Express भी रेलवे बोर्ड की मंजूरी वाली सूची में है. यह तेलंगाना से उत्तर प्रदेश तक कनेक्टिविटी बढ़ाएगी. इसके प्रमुख ठहराव काजीपेट, पेड्डापल्ली, नागपुर, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर, लखनऊ और गोंडा होंगे. सातों सेवाओं के संचालन की विस्तृत समय-सारणी और अंतिम ठहराव रेलवे की ओर से बाद में तय किए जाएंगे.