सैलरी सरकार से और काम आतंकियों का... जम्मू-कश्मीर में गद्दार 5 सरकारी कर्मियों को किया गया बर्खास्त

देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए पांच सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया.

Social Media
Anuj

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. अलग-अलग इलाकों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच लगातार मुठभेड़ की खबरें सामने आ रही हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को भी कठुआ जिले में भारी गोलीबारी हुई, जहां सुरक्षाकर्मी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहे हैं. इलाके में गोलियों की आवाजें लगातार सुनाई दे रही हैं और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

प्रशासन का सख्त कदम

इस बीच देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए पांच सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया. इनमें एक शिक्षक, एक लैब टेक्नीशियन, एक असिस्टेंट लाइनमैन, वन विभाग का एक फील्ड वर्कर और स्वास्थ्य विभाग का एक ड्राइवर शामिल हैं.

5 सरकारी कर्मियों को किया गया बर्खास्त

सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि ये सभी लोग लश्कर-ए-तैयबा और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हुए थे. ये लोग जनता के भरोसे वाले सरकारी पदों पर रहते हुए सरकारी वेतन ले रहे थे, लेकिन गुपचुप तरीके से आतंकियों की मदद कर रहे थे और उनके एजेंडे को आगे बढ़ा रहे थे. इस गंभीर आरोप के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए इन सभी को सेवा से हटा दिया.

सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़

वहीं, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने पुलिस और सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की. खबर लिखे जाने तक सुरक्षाबल अत्याधुनिक हथियारों के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं और आतंकियों को घेरने की कोशिश कर रहे हैं.

आतंकियों के छिपे होने की आशंका

जानकारी के अनुसार, इस इलाके में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के छिपे होने की आशंका है. हालात को देखते हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी मौके पर भेजा गया है. यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. इससे पहले रविवार और सोमवार की रात को पाकिस्तान की तरफ से आए कई ड्रोन भी आसमान में देखे गए थे, जिन पर जवानों ने फायरिंग की थी. इन घटनाओं के चलते सीमा और आंतरिक सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है.