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'400 साल.. चार पीढ़ियां..1.65 लाख कीमत, तीन मंजिला बॉक्स..', जानें अयोध्या पहुंची दुनिया की सबसे महंगी रामायण की खासियत?

दुनिया की सबसे महंगी रामायण में अयोध्या पहुंच गई है और इसकी कीमत एक लाख पैंसठ हजार रुपये बताई जा रही है. यह किताब 400 साल तक चल सकती है और चार पीढ़ियां पढ़ सकती हैं.

Avinash Kumar Singh

नई दिल्ली: 22 जनवरी को श्री राम जन्मभूमि पर भगवान श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों को लेकर जहां अयोध्या शहर उत्साह से भरा हुआ है. वहीं दुनिया की सबसे महंगी रामायण में अयोध्या पहुंच गई है और इसकी कीमत एक लाख पैंसठ हजार रुपये बताई जा रही है. 

बनाई गई रामायण की कीमत एक लाख पैंसठ हजार रुपये

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए रामायण लेकर अयोध्या पहुंचे पुस्तक विक्रेता मनोज सती ने प्रतिक्रिया जाहिर की है. मनोज सती ने कहा कि हम अपनी खूबसूरत रामायण के साथ यहां अयोध्या के टेंट सिटी में पहुंचे हैं. इसमें बहुत सारे गुण हैं और यह दुनिया की सबसे महंगी रामायण है. आप कह सकते हैं कि सबसे सुंदर रामायण अयोध्या में है. इसकी कीमत 1.65 लाख रुपये है. बाहरी बॉक्स का डिजाइन, कागज और वह सब कुछ जो इसे बनाता है. इसमें तीन मंजिल का बॉक्स है, जैसे राम मंदिर तीन मंजिलों में बनाया जा रहा है तो इसे भी वैसे ही डिजाइन किया गया है. किताब पढ़ने के लिए सबसे ऊपरी मंजिल पर एक स्टैंड है. 

'बॉक्स के लिए अमेरिकी अखरोट की लकड़ी का इस्तेमाल'

मनोज सती ने जानकारी साझा करते हुए आगे बताया कि 'बॉक्स के लिए अमेरिकी अखरोट की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है. पुस्तक का कवर आयातित सामग्री है. पुस्तक के लिए स्याही जापान से आयात की गई है. यह एक जैविक स्याही है. किताब का कागज फ्रांस में बनाया गया है. यह एक एसिड-मुक्त कागज है. यह पेटेंट कागज है. कागज का उपयोग केवल इस पुस्तक में किया गया है. यह बाजार में कहीं भी उपलब्ध नहीं है. किताब 400 साल तक चल सकती है. इसका खूबसूरत बुक केस भी बनाया गया है, इसलिए यह सुरक्षित रह सकती है. किताब को चार पीढ़ियां पढ़ सकती हैं. खूबसूरत और आकर्षक डिजाइन के पीछे मकसद यह है कि आपको हर पेज पर एक अलग डिज़ाइन देखने को मिलेगा. हर पेज पर कुछ नया देखने को मिलता है. 

प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर अयोध्या में उत्साह

सभी शास्त्रीय परंपराओं  का पालन करते हुए प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में संपन्न किया जाएगा. 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का अति सूक्ष्म मुहूर्त निकाला गया है. इसी मुहूर्त में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. मुहूर्त 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक होगा. मध्‍याह्न काल में मृगशिरा नक्षत्र में 84 सेकेंड के मुहूर्त में प्रधानमंत्री मोदी रामलला के विग्रह की आंखों में बंधी पट्टी यानी दिव्‍य दृष्टि खोलने के बाद काजल व टीका लगाने के साथ-साथ भगवान रामलला की महाआरती करेंगे.