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महाराष्ट्र के हिंगोली में आया 4.7 तीव्रता का भूकंप, नांदेड़ और परभणी में महसूस किए गए झटके

शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके नांदेड़ और परभणी तक महसूस किए गए. हालांकि, इस भूकंप में अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
महाराष्ट्र के हिंगोली में आया 4.7 तीव्रता का भूकंप, नांदेड़ और परभणी में महसूस किए गए झटके
Courtesy: pinterest

शनिवार सुबह महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई. झटके केवल हिंगोली तक सीमित नहीं रहे, बल्कि नांदेड़ और परभणी जिलों में भी महसूस किए गए. राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर सामने नहीं आई है.

घरों से बाहर निकले लोग

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 08:45:23 बजे (भारतीय समयानुसार) दर्ज किया गया. इसका केंद्र हिंगोली जिले में 19.533 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.202 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था. भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर थी, जिसे अपेक्षाकृत उथला माना जाता है. इसी वजह से इसके झटके आसपास के इलाकों में ज्यादा स्पष्ट रूप से महसूस किए गए. अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का असर सीमित समय के लिए रहा, लेकिन इसकी तीव्रता ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया.

आसपास के जिलों में असर

हिंगोली के अलावा नांदेड़ और परभणी जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. इन इलाकों के कई निवासियों ने अचानक जमीन हिलने का अनुभव साझा किया. कुछ जगहों पर लोग घबराकर खुले स्थानों की ओर दौड़ते नजर आए. हालांकि, प्रशासन ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और राहत की बात यह रही कि किसी भी जिले से बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली. स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है.

अलर्ट मोड पर आपदा प्रबंधन की टीमें

भूकंप के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया. संबंधित विभागों ने तुरंत इलाके का निरीक्षण शुरू किया ताकि किसी भी संभावित नुकसान का आकलन किया जा सके. फिलहाल सभी जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं और किसी तरह की आपात स्थिति घोषित नहीं की गई है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है. 

विशेषज्ञों के अनुसार, उथली गहराई के कारण भूकंप के झटके अधिक महसूस होते हैं, भले ही इसकी तीव्रता मध्यम हो. उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और भविष्य में किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी है.