सिक्किम में निर्माणाधीन टनल हादसे में लैंडस्लाइड, 10 मजदूरों की मौत
सिक्किम की निर्माणाधीन सुरंग में हुए लैंडस्लाइड में अब तक 10 की मौत हो चुकी है, जबकि 17 को निकालने के लिए गैस रिसाव के बीच रेस्क्यू जारी है.
सिक्किम के नामची जिले के मामरिंग स्थित समरदुंग निर्माणाधीन सुरंग में सोमवार को हुए लैंडस्लाइड ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया. भारी मलबा गिरने से सुरंग का प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद हो गया और अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सुरंग में कुल 27 मजदूर मौजूद थे. प्रशासन ने अब तक 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि की है, जबकि मृतकों में तीन की पहचान अभी बाकी है. शेष 17 मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है.
मीथेन गैस ने बढ़ाई बचाव अभियान की मुश्किलें
हादसे के बाद सुरंग के भीतर मीथेन गैस रिसाव की आशंका ने रेस्क्यू ऑपरेशन को और जटिल बना दिया है. बचाव दल के कई सदस्य अंदर प्रवेश करते समय चक्कर आने से प्रभावित हुए, जबकि कुछ कर्मी बेहोश भी हो गए. सुरक्षा कारणों से रेस्क्यू टीम गैस मास्क और विशेष सुरक्षा उपकरणों की मदद से भीतर पहुंचने की कोशिश कर रही है. सुरंग में भरे भारी मलबे के कारण मशीनों और बचावकर्मियों की आवाजाही भी बेहद कठिन हो गई है.
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और विशेष टीम मौके पर तैनात
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे की सूचना सोमवार दोपहर करीब 3:40 बजे मिली, जिसके तुरंत बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. पश्चिम बंगाल से गैस-रोधी उपकरणों से लैस एक विशेष रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई है. प्रशासन ने एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी अलर्ट पर रखा है ताकि निकाले जाने वाले मजदूरों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के लिए बन रही थी सुरंग
यह सुरंग तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही थी. निर्माण कार्य का जिम्मा पटेल इंजीनियरिंग के पास था. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी के 6 कर्मचारी मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि फंसे मजदूरों की वास्तविक संख्या में बदलाव संभव है. फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच पर केंद्रित है.