वजन घटाने से लेकर पेट की सेहत तक, फाइबर सेहत के लिए है जरूरी! जानें रोज कितना खाना चाहिए
आजकल लोग प्रोटीन और कैलोरी पर तो ध्यान देते हैं लेकिन फाइबर को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. फाइबर न सिर्फ वजन कम करने और डाइजेशन सुधारने में मदद करता है बल्कि पूरी गट हेल्थ के लिए भी बहुत जरूरी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना 25 से 38 ग्राम फाइबर लेना चाहिए.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी डाइट को लेकर काफी सजग हो गए हैं. प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट की मात्रा तो ध्यान से देखते हैं, लेकिन एक चीज जो अक्सर पीछे छूट जाती है वो है फाइबर. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फाइबर सिर्फ कब्ज दूर करने तक सीमित नहीं है. ये हमारे पेट की सेहत, वजन नियंत्रण और पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है. अगर आप भी वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं या पेट से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां महसूस करते हैं तो फाइबर की सही मात्रा जानना आपके लिए जरूरी है.
फाइबर की सही मात्रा कितनी होनी चाहिए?
एक्सपर्ट्स के अनुसार एक स्वस्थ वयस्क को रोजाना 25 से 38 ग्राम फाइबर लेना चाहिए. मणिपाल हॉस्पिटल के हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धार्थ बडोला बताते हैं कि यह मात्रा व्यक्ति के वजन, उम्र, जेंडर और जीवनशैली पर निर्भर करती है. पुरुषों को आमतौर पर महिलाओं की तुलना में ज्यादा फाइबर की जरूरत होती है क्योंकि उन्हें अधिक कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है. पुरुषों के लिए 30 से 38 ग्राम और महिलाओं के लिए 21 से 28 ग्राम फाइबर पर्याप्त माना जाता है. अगर आप कोई पुरानी बीमारी से गुजर रहे हैं या वजन ज्यादा है तो डॉक्टर की सलाह से मात्रा तय करनी चाहिए. फाइबर की मात्रा तय करते समय अपनी डाइट का ध्यान रखना भी जरूरी है.
उम्र और एक्टिविटी के अनुसार फाइबर की जरूरत
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारा पाचन तंत्र धीमा पड़ने लगता है. ऐसे में बुजुर्गों को फाइबर की मात्रा बहुत सोच-समझकर लेनी चाहिए.डॉ. देबोज्योति धर के अनुसार अगर आप सालों से कम फाइबर वाली डाइट ले रहे हैं तो अचानक इसकी मात्रा बढ़ाने से बचें. इससे ब्लोटिंग, गैस या पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि आपके पेट के बैक्टीरिया को अचानक ज्यादा फाइबर प्रोसेस करने की आदत नहीं होती. वहीं जो लोग जिम जाते हैं या ज्यादा शारीरिक गतिविधि करते हैं, उन्हें मेटाबॉलिज्म को बैलेंस रखने के लिए सामान्य से थोड़ा ज्यादा फाइबर की जरूरत पड़ती है.
शरीर खुद बताता है फाइबर की कमी
आपका शरीर आपको कई संकेत देता है कि उसे फाइबर की जरूरत है या नहीं. अगर आपका पेट रोज सुबह साफ हो जाता है, खाने के बाद सुस्ती नहीं होती और बाउल मूवमेंट नॉर्मल है तो समझिए आप पर्याप्त फाइबर ले रहे हैं. लेकिन अगर कब्ज रहती है, खाने के बाद भारीपन लगता है या पेट साफ नहीं होता तो यह फाइबर की कमी का संकेत हो सकता है. साथ ही वजन नहीं घट रहा हो या बार-बार भूख लग रही हो तो भी फाइबर बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है.
ज्यादा फाइबर लेने में भी सावधानी जरूरी
फाइबर फायदेमंद है लेकिन जरूरत से ज्यादा लेना भी नुकसान पहुंचा सकता है. अगर आप अचानक बहुत ज्यादा फाइबर वाली चीजें खाने लगते हैं और पानी कम पीते हैं तो पेट में मरोड़, गैस और सूजन जैसी परेशानियां हो सकती हैं. इसलिए फाइबर बढ़ाते समय रोजाना पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. फाइबर और पानी का सही कॉम्बिनेशन ही इसे प्रभावी बनाता है. धीरे-धीरे अपनी डाइट में फाइबर बढ़ाएं और शरीर का रिएक्शन देखते रहें.