एक ही दिन में पूरी तरह ठीक हो गया महिला का फेफड़ों का कैंसर, जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार
अमेरिका की रहने वाली 61 वर्षीय दादी एप्रिल बोड्रेयू (April Boudreau) का फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) केवल एक ही दिन के भीतर डायग्नोज हुआ और उसी दिन सर्जरी करके उसे पूरी तरह ठीक भी कर दिया गया.
कैंसर का नाम सुनते ही हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. इसके लंबे और दर्दनाक इलाज की बात सोचकर ही मरीज घबरा जाते हैं लेकिन अमेरिका के टेक्सास शहर से एक ऐसी चमत्कारिक खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया के डॉक्टरों और मरीजों को हैरान कर दिया है.
यहां रहने वाली 61 वर्षीय दादी एप्रिल बोड्रेयू (April Boudreau) का फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) केवल एक ही दिन के भीतर डायग्नोज (पहचान) हुआ और उसी दिन सर्जरी करके उसे पूरी तरह ठीक भी कर दिया गया.
जब बेहोशी से उठीं तो कैंसर गायब था
एप्रिल के लिए कैंसर कोई नई बीमारी नहीं थी. वह 1984 और 1985 में हॉजकिन्स लिम्फोमा और साल 2002 में ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को मात दे चुकी थीं. इस साल जनवरी में जब वह अपने रूटीन सीटी स्कैन के लिए अस्पताल गईं, तो डॉक्टरों को उनके दाहिने फेफड़े में एक संदिग्ध गांठ (TUMOR) दिखाई दी.
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जब उन्हें आगे की जांच (बायोप्सी) के लिए टेक्सास हेल्थ हैरिस मेथोडिस्ट अस्पताल बुलाया गया, तो लोकल एनेस्थीसिया देकर डॉक्टरों ने जांच शुरू की. बायोप्सी के दौरान पुष्टि हुई कि वह गांठ शुरुआती स्टेज का फेफड़ों का कैंसर है.
रोबोटिक तकनीक से एक ही बार में काम तमाम
डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए मरीज के बेहोश रहते हुए ही तुरंत सर्जरी करने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने एक नई और बेहद आधुनिक रोबोटिक तकनीक (Robotic-Assisted Surgery) का इस्तेमाल किया. रोबोट से नियंत्रित एक बेहद पतली नली (Catheter) के जरिए फेफड़े के उस मुश्किल हिस्से तक पहुंचकर कैंसर वाली कोशिकाओं को बाहर निकाल दिया गया.
जब एप्रिल होश में आईं, तो डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनका कैंसर पहचाना भी जा चुका है और उसे काटकर निकाल भी दिया गया है. एप्रिल ने कहा, 'मुझे अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हो रहा था. बिना किसी कीमोथेरेपी या रेडिएशन के, केवल 3 दिन दर्द की दवाइयां लीं और मैं बिल्कुल नॉर्मल हो गई.'
बिना चीरा-फाड़ी के अगले दिन मिली छुट्टी
डॉक्टरों ने उनके शरीर के बगल में सिर्फ 5 छोटे-छोटे कट (Incisions) लगाए थे. इस नई तकनीक की वजह से एप्रिल को अगले ही दिन अस्पताल से छुट्टी मिल गई. अस्पताल के प्रेसिडेंट जोसेफ डेलियोन ने बताया कि रोबोटिक तकनीक और शुरुआती पहचान की मदद से अब कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से इंसानों को बचाना बहुत आसान और सुरक्षित होता जा रहा है.