Uric Acid: यूरिक एसिड के बढ़े हुए स्तर से परेशान मरीजों को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना पड़ता है. यह स्थिति शरीर में प्यूरिन के टूटने से उत्पन्न होती है, जो यूरिक एसिड का निर्माण करता है.
यदि यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो जाती है, तो यह गाउट जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. पालक, एक पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है, लेकिन इसमें प्यूरिन की मात्रा भी होती है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड के मरीजों के लिए पालक खाना सही है या नहीं.
पालक आयरन, कैल्शियम, विटामिन K, विटामिन C, और एंटीऑक्सिडेंट्स का अच्छा स्रोत है. यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है. इसके अलावा, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है.
पालक में प्यूरिन की मध्यम मात्रा पाई जाती है. प्यूरिन एक ऐसा यौगिक है जो शरीर में टूटकर यूरिक एसिड बनाता है. अगर पालक का अधिक सेवन किया जाए, तो यह शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है. इसलिए गाउट या हाई यूरिक एसिड वाले मरीजों को इसका सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए.
यूरिक एसिड के मरीज पालक का सेवन पूरी तरह से बंद करने की बजाय इसकी मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं. सप्ताह में 1-2 बार और सीमित मात्रा में पालक का सेवन करना नुकसानदायक नहीं होता. पालक को उबालकर या हल्के मसालों के साथ पकाकर खाने से प्यूरिन की मात्रा कम हो सकती है.
यदि आपका यूरिक एसिड अत्यधिक बढ़ा हुआ है, तो आप पालक के बजाय ऐसी सब्जियां चुन सकते हैं, जिनमें प्यूरिन की मात्रा कम हो, जैसे लौकी, तोरई, और खीरा. ये सब्जियां शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मददगार होती हैं.
यूरिक एसिड के मरीजों को पालक का सेवन पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और सही तरीके से खाना चाहिए. डॉक्टर से परामर्श करके डाइट प्लान तैयार करना हमेशा बेहतर होता है. संतुलित आहार और सही लाइफस्टाइल अपनाकर यूरिक एसिड को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है.