देश में लिवर की समस्या बढ़ती जा रही है. पहले कहा जाता था कि यह समस्या केवल शराब पीने वालों में होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब हर दूसरे और तीसरे व्यक्ति को फैटी लिवर की समस्या हो रही है. इस बीमारी के शुरुआती लक्षण इतने हल्के या गैर-मौजूद होते हैं कि ज्यादातर लोग इसे अनदेखा कर देते हैं.
डॉक्टरों के मुताबिक, लगभग हर पांच भारतीय में से एक व्यक्ति इस समस्या से प्रभावित है. इस समस्या में व्यक्ति को हल्की थकान, पेट के ऊपरी भाग में भारीपन या फिर बिल्कुल कोई लक्षण महसूस नहीं होता. यही वजह है कि बीमारी काफी आगे बढ़ने पर ही पता चलती है.
यह समस्या रातोंरात नहीं बढ़ी है. इसके पीछे आधुनिक जीवन की कई आदतें जिम्मेदार हैं. सबसे बड़ा कारण है आसीन जीवन शैली यानी लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधि का अभाव होना. शरीर में जमा अतिरिक्त कैलोरी को जलाने का मौका नहीं मिलता.
दूसरा प्रमुख कारक खान-पान की गलत आदतें हैं. लोग रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जंक फूड, मीठे पेय और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन कर रहे हैं, जिससे लिवर पर बोझ बढ़ रहा है. इसके अलावा मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, थायरॉइड विकार, पेट के आसपास वसा का जमाव और अचानक वजन बढ़ना भी इस बीमारी को आमंत्रित करते हैं.
फैटी लिवर को 'साइलेंट किलर' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बिना कोई स्पष्ट चेतावनी दिए आगे बढ़ती है. अन्य बीमारियों की तरह इसमें तेज दर्द या तुरंत परेशानी नहीं होती. नतीजतन, लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या में व्यस्त रहते हैं और लिवर अंदर ही अंदर सूजन या क्षति की ओर बढ़ता जाता है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति लीवर सिरोसिस या अन्य गंभीर जटिलताओं में बदल सकती है. लेकिन राहत की बात यह है कि शुरुआती चरण में फैटी लिवर को पूरी तरह से नियंत्रित कर सकता है.
इसेठीक करने के लिए सबसे पहले धीरे-धीरे और स्वस्थ तरीके से वजन घटाएं, रोजाना कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम करें या फिर तेजी से चलने का प्रयास करें. इसके अलावा चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम या खत्म कर दें. अपने आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा की मात्रा को बढ़ाएं. ऐसा करने से जल्द ही आपकी फैटी लिवर की समस्या खत्म हो सकती है.