IPL 2026

लिवर को चुपके से सुखा रही है टाइप-2 डायबिटीज! 4 में से 1 मरीज को है फाइब्रोसिस, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस की समस्या तेजी से बढ़ रही है. एक नई स्टडी में पाया गया कि 4 में से 1 मरीज को लिवर फाइब्रोसिस है, जबकि हर 20 में से 1 को सिरोसिस का खतरा है. डॉक्टरों ने साल में एक बार लिवर जांच कराने की सलाह दी है.

grok
Kuldeep Sharma

डायबिटीज अब सिर्फ ब्लड शुगर की समस्या नहीं रह गई है. एक नई रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि इस बीमारी के मरीजों का लिवर भी अंदर से खराब हो रहा है, और ज्यादातर लोगों को इसका पता भी नहीं चलता. वडोदरा के एसएसजी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज की स्टडी में शामिल 9000 से ज्यादा मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया. इसमें पाया गया कि कई मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याएं बिना किसी लक्षण के बढ़ रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह लिवर फेलियर का कारण बन सकती है.

स्टडी में चौंकाने वाले आंकड़े

द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज के 26% मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस पाया गया. इनमें से 14% मरीजों की स्थिति काफी गंभीर थी, जबकि 5% मरीज सिरोसिस की कगार पर पहुंच चुके थे. यह स्टडी देश के 27 प्रमुख अस्पतालों और क्लीनिकों के डेटा पर आधारित है, जिसमें मेदांता गुरुग्राम, सर गंगा राम अस्पताल दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ और मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थान शामिल थे. 

बिना फैटी लिवर वाले भी खतरे में

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि लिवर की समस्या सिर्फ फैटी लिवर वाले मरीजों तक सीमित नहीं है. जिन मरीजों को फैटी लिवर की शिकायत भी नहीं थी, उनमें भी 13% को फाइब्रोसिस पाया गया और 4% सिरोसिस के खतरे में थे. डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज लिवर में सूजन पैदा करती है, जिसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहते हैं. यह समस्या बिना लक्षण के बढ़ती रहती है.

लक्षण आने तक काफी देर हो जाती है

ज्यादातर मरीज तब तक लिवर की समस्या नहीं जान पाते जब तक पीलिया, पेट में दर्द या थकान जैसे लक्षण सामने नहीं आ जाते. तब तक लिवर काफी हद तक खराब हो चुका होता है. इसलिए डॉक्टरों की सलाह है कि डायबिटीज के मरीज सिर्फ शुगर लेवल चेक न करें, बल्कि हर साल कम से कम एक बार फाइब्रोस्कैन या लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर कराएं.

बचाव के उपाय

डॉक्टरों का कहना है कि सही डाइट, रोजाना व्यायाम और वजन नियंत्रण में रखकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. मोटापा और अनियंत्रित डायबिटीज लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आप टाइप-2 डायबिटीज के मरीज हैं तो अपने डॉक्टर से लिवर जांच के बारे में जरूर बात करें. समय पर पता चलने से लिवर फेलियर जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है.