Cholesterol नॉर्मल होने पर भी आ सकता है हार्ट अटैक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
आज के समय में हार्ट अटैक काफी आम बात है. हालांकि कई लोग इससे बचने के लिए कोलेस्ट्रॉल चेक करवाते हैं, लेकिन क्या आपको लगता है कि केवल ऐसा करना काफी है? आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट की राय
आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और तनाव की वजह से हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. हालांकि लोग हार्ट हेल्थ को लेकर जागरुक भी हो रहे हैं. लोग इसके लिए Lipid टेस्ट करवाते हैं, जिसमें LDL, HDL और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर का पता चलता है. लेकिन क्या आपको लगता है कि हार्ट हेल्थ के लिए केवल इस पर भरोसा करना काफी है?
कुछ सालों के अंदर ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट पूरी तरह नॉर्मल होने के बाद भी लोगों को हार्ट अटैक का सामना करना पड़ रहा है. अब डॉक्टर एक नए छिपे हुए जोखिम कारक Lp(a) की ओर ध्यान दे रहे हैं, जो सामान्य टेस्ट में नजर नहीं आता लेकिन दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
Lp(a) क्या है और क्यों है खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार, Lipoprotein(a) एक खास प्रकार का कोलेस्ट्रॉल है जो दिखने में LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल की तरह होता है लेकिन इसमें एक अतिरिक्त प्रोटीन जुड़ा होता है. जिसकी वजह से ब्लड वेसल्स में प्लाक तेजी से जमा होने लगता है. इतना ही नहीं आर्टरी को संकरी भी कर देता है. इसमें सबसे बड़ी समस्या यह है कि सामान्य टेस्ट में इसका पता नहीं चल पाता है. भारत में ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें रिपोर्ट नार्मल आने के बाद भी हार्ट संबंधी सम्साएं हो रही हैं.
क्या है डॉक्टर की राय?
देश में समय से पहले होने वाली हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में कुल मौतों का बड़ा हिस्सा हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों से जुड़ा है. चिंता की बात यह है कि पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में हार्ट अटैक 10 से 15 साल पहले हो रहा है. इसके पीछे जेनेटिक, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और खराब लाइफस्टाइल के साथ इस एलपी (ए) जैसे कारण भी हैं.
डॉक्टर की राय है कि जिन परिवारों में हार्ट संबंधी समस्या पहले से रहा हो, उन्हें इसका टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. साथ ही ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. हालांकि इस समस्या को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है लेकिन इसे कंट्रोल किया जा सकता है.