नई दिल्ली: हमारा शरीर कई बार छोटे बदलावों के जरिए हमें चेतावनी देता है, लेकिन रोजमर्रा की भागदौड़ में हम इन्हें अनदेखा कर देते हैं. नाखूनों पर उभरने वाली काली रेखा भी ऐसा ही एक संकेत है, जिसे अक्सर चोट या कमजोरी मान लिया जाता है.
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक महिला के अनुभव ने लोगों का ध्यान इस समस्या की ओर खींचा है. विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ मामलों में यह साधारण बदलाव नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी की शुरुआती निशानी हो सकती है.
नाखून की सतह पर दिखने वाली काली या भूरी सीधी लाइन को मेडिकल भाषा में मेलानोनि किया कहा जाता है. यह लाइन हल्की से गहरी हो सकती है और हाथ या पैर के किसी भी नाखून में नजर आ सकती है. कई लोगों में यह जन्म से होती है, जबकि कुछ में उम्र बढ़ने के साथ दिखाई देती है.
अक्सर नाखूनों में काली लाइन किसी गंभीर बीमारी से जुड़ी नहीं होती है. इसके पीछे नाखून पर चोट लगना, पोषण की कमी, कुछ दवाओं का असर या हार्मोनल बदलाव जैसे कारण हो सकते हैं. गहरी त्वचा वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, इसलिए कई बार लोग इसे हल्के में ले लेते हैं.
अगर काली रेखा अचानक उभरे, केवल एक ही नाखून में दिखे या समय के साथ गहरी और चौड़ी होती जाए, तो यह सावधान होने का संकेत है. कुछ मामलों में यह सबंगुअल मेलेनोमा नाम के स्किन कैंसर की ओर इशारा कर सकती है, जो नाखून के नीचे पनपता है.
काली रेखा के साथ नाखून का टूटना, अजीब आकार में बढ़ना, आसपास सूजन या दर्द, जड़ से नाखून का उठना या नीचे गांठ और खून आना भी गंभीर संकेत माने जाते हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर देरी करना नुकसानदायक हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
डॉक्टर आमतौर पर ऐसे मामलों में बायोप्सी की सलाह देते हैं, क्योंकि सिर्फ देखने से सही वजह का पता नहीं चलता. मेलेनोमा स्किन कैंसर का सबसे खतरनाक रूप माना जाता है, लेकिन शुरुआती चरण में पहचान हो जाए तो इलाज संभव है और जान भी बचाई जा सकती है.
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