2050 तक हर चौथे इंसान को हो सकती है लिवर की बीमारी! वैज्ञानिकों ने दी डराने वाली चेतावनी, युवाओं पर सबसे ज्यादा खतरा

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2050 तक दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत आबादी यानी करीब 200 करोड़ लोग मेटाबॉलिक लिवर डिजीज (MASLD) की चपेट में आ सकते हैं. गलत खान-पान, मोटापा और सेडेंटरी लाइफस्टाइल इस बीमारी को तेजी से बढ़ा रही है.

grok
Kuldeep Sharma

आजकल की व्यस्त और अनियमित जीवनशैली के कारण लिवर की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. हाल ही में जारी एक बड़ी स्टडी ने दुनिया को चौंका दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक हर चौथे व्यक्ति को मेटाबॉलिक लिवर डिजीज (MASLD) हो सकती है. यह बीमारी पहले सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित समझी जाती थी, लेकिन अब यह युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है. गलत खान-पान, ज्यादा चीनी, जंक फूड और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण बताए जा रहे हैं.

2050 तक 200 करोड़ लोग प्रभावित

लैंसेट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी जर्नल में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, 2050 तक दुनिया की करीब 20 प्रतिशत आबादी यानी 200 करोड़ लोग मेटाबॉलिक लिवर डिजीज से पीड़ित होंगे. अभी दुनिया भर में लगभग 1.3 अरब लोग इस बीमारी की चपेट में हैं. पिछले 30 सालों में इस बीमारी में 143 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है. 1990 में जहां यह आंकड़ा 5 करोड़ के करीब था, 2023 में यह बढ़कर 13 करोड़ हो गया. अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या और बढ़कर 18 करोड़ तक पहुंच जाएगी.

कौन ज्यादा खतरे में?

स्टडी में पाया गया कि यह बीमारी पुरुषों में महिलाओं की तुलना में ज्यादा आम है. सबसे ज्यादा प्रभावित उम्र 35-39 साल के पुरुष और 55-59 साल की महिलाएं हैं. हालांकि 80-84 साल के बुजुर्गों में भी यह बीमारी काफी देखी जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाती, इसलिए इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जा रहा है. जब लक्षण दिखते हैं, तब तक लिवर काफी क्षतिग्रस्त हो चुका होता है.

बीमारी बढ़ने के मुख्य कारण

रिपोर्ट के अनुसार, इस बीमारी के बढ़ने की सबसे बड़ी वजह वेस्टर्न डाइट यानी ज्यादा चीनी, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और सैचुरेटेड फैट का सेवन है. फिजिकल एक्टिविटी की कमी और मोटापा भी बड़े कारण हैं. गरीब और मध्यम आय वाले देशों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है क्योंकि वहां स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की कमी है. यह बीमारी टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे से सीधे जुड़ी हुई है.

बचाव के उपाय और सलाह

एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है. स्वस्थ आहार लें, ऑयली और जंक फूड से दूर रहें, नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रण में रखें. सरकारों से अपील की गई है कि वे मीठी ड्रिंक्स और जंक फूड पर टैक्स बढ़ाएं ताकि इनके सेवन को कम किया जा सके. अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में लिवर फेलियर और लिवर कैंसर के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं.