'जुबीन गर्ग नशे में थे, उन्होंने लाइफ जैकेट लेने से इनकार कर दिया', सिंगापुर की अदालत में जांच अधिकारी ने दिया बयान
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है. सिंगापुर की कोर्ट में 14 जनवरी 2026 को कोरोनर इंक्वायरी शुरू हुई, जहां मुख्य जांच अधिकारी ने बताया कि जुबीन गर्ग पिछले सितंबर में लाजरस द्वीप के पास 'गंभीर रूप से नशे में' थे. उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वे डूब गए.
मुंबई: असम के मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है. सिंगापुर की कोर्ट में 14 जनवरी 2026 को कोरोनर इंक्वायरी शुरू हुई, जहां मुख्य जांच अधिकारी ने बताया कि जुबीन गर्ग पिछले सितंबर में लाजरस द्वीप के पास 'गंभीर रूप से नशे में' थे. उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वे डूब गए. जुबीन गर्ग 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के लिए गए थे. अगले दिन उनका परफॉर्मेंस था, लेकिन एक यॉट पार्टी के दौरान वे समुद्र में तैरने गए.
'जुबीन गर्ग नशे में थे, उन्होंने लाइफ जैकेट लेने से इनकार कर दिया'
जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि जुबीन ने पहले लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन बाद में उसे उतार दिया. जब वे फिर से तैरने लगे, तो उन्हें दूसरी छोटी लाइफ जैकेट ऑफर की गई, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. यॉट कैप्टन ने कई बार लाइफ जैकेट पहनने की याद दिलाई, लेकिन वे नहीं माने. गवाहों ने बताया कि जुबीन ने काफी शराब पी थी – कुछ कप्स लिकर, जिन, व्हिस्की और गिनेस स्टाउट के सिप्स.
टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में उनके ब्लड में 333 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर अल्कोहल पाया गया, जो बहुत ज्यादा है (सिंगापुर में लीगल लिमिट 80 mg/100ml है). इससे उनकी कोऑर्डिनेशन और रिफ्लेक्स प्रभावित हुए. वे यॉट की तरफ तैरकर लौटने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक लंगड़े हो गए और चेहरा पानी में डालकर फ्लोट करने लगे. फौरन उन्हें यॉट पर लाया गया, CPR दिया गया और एम्बुलेंस से सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन शाम करीब 5:15 बजे उनकी मौत हो गई. ऑटोप्सी से मौत का कारण डूबना पाया गया. उनके शरीर पर कुछ चोटें थीं, लेकिन वे रेस्क्यू और CPR के दौरान लगीं. उनके ब्लड में हाइपरटेंशन और एपिलेप्सी की दवाएं मिलीं (आखिरी एपिलेप्टिक एपिसोड 2024 में था), लेकिन कोई दूसरी ड्रग नहीं. पुलिस ने किसी फाउल प्ले से इनकार किया है.
कोर्ट में जुबीन के अंकल मनोज कुमार बोर्थाकुर ने परिवार की तरफ से स्टेटमेंट पढ़ा और कई सवाल पूछे. कोरोनर ने कहा कि कुछ डिटेल्स मौत के सीधे कारण से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन गवाहों से पूछा जा सकता है. कुल 35 गवाहों के बयान होंगे, जिसमें यॉट पर मौजूद लोग, कैप्टन, पुलिस और पैरामेडिक्स शामिल हैं. यह मामला असम में भी चल रहा है, जहां SIT ने चार लोगों पर मर्डर का चार्ज लगाया है, लेकिन सिंगापुर पुलिस फाउल प्ले नहीं मान रही. फैंस और परिवार को अब भी सच्चाई का इंतजार है. जुबीन गर्ग असम के कल्चरल आइकन थे, जिनके गानों ने लाखों दिल जीते. उनकी मौत से पूरा नॉर्थ ईस्ट सदमे में है. जांच जारी है और आगे की सुनवाई फरवरी तक चलेगी.