शरीर बेचने के लिए जिसने लाकर दिए ग्राहक, बाद में उन्हीं दलाल संग इन तवायफों ने रचाई शादी!
बहुत कम लोग नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सटे ‘हीरामंडी’ जीबी रोड में कोठे वाली तवायफों के बारे में जानते हैं कि उनकी जिंदगी में क्या-क्या गुजर रही है.
नई दिल्ली: जब से संजय लीला भंसाली ( Sanjay Leela Bhansali) की हीरामंडी (Heeramandi) रिलीज हुई है तब से हर तरफ इसका ही शोर है. लोग तवायफों से जुड़े मुद्दे उठाने लगे हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके साथ क्या-क्या घटना हुई थीं. आज हम आपको एक ऐसी घटना बताएंगे जिसको सुनकर आप दंग रह जाएंगे. बहुत कम लोग नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सटे ‘हीरामंडी’ जीबी रोड में कोठे वाली तवायफों के बारे में जानते हैं कि उनकी जिंदगी में क्या-क्या गुजर रही है.
जी बी रोड, जो कि अब श्रद्धानंद मार्ग कहलाता है. यहां की पुरानी तवायफें जो कि अब बूढ़ी हो चुकी है. दिल्ली की इन हीरामंडी के बारे में बात करें तो ये तवायफें अपना धंधा तो करती हैं, लेकिन बाद में जब इनकी जवानी खोने लगती हैं तो ये उन्हीं दलालों से शादी कर लेती हैं जिन्होंने कभी इनके देह को बेचने के लिए, इन्हें हमबिस्तर होने के लिए ग्राहक लाकर दिए थे. ये बात थोड़ी चौंकाने वाली है लेकिन सच्चाई है.
जीबी रोड में कई ऐसे दलाल आपको मिल जाएंगे जिनकी उम्र काफी हो चुकी हैं और उन्होंने वहीं की एक तवायफ से शादी करके अपना घर बसा लिया.आज वो एक बच्चे के नाना भी है.
GB रोड आप जब भी ये नाम सुनेंगे आपके मन में एक ही ख्याल आएगा कि रेड लाइट एरिया लेकिन पहले इसका नाम GB रोड नहीं बल्कि स्वामी श्रद्धानंद मार्ग था. आपको बता दें कि मुगलकाल में इस क्षेत्र में कुल पांच रेडलाइट एरिया थे. इन 5 कोठे को अंग्रेजों ने एक साथ करके इसका नाम जीबी रोड रख दिया. जीबी रोड में सुबह आज भी दुकानें लगती हैं लोग जाते हैं लेकिन रात के अंधेरे में यहां औरतों का देह व्यापार होता है. जीबी रोड सिर्फ कोठो के कारण नहीं बल्कि चोरी के लिए भी फेमस है अगर आप यहां जाएं तो आपका फोन आराम से चोरी हो सकता है.