सोनू सूद ने दिल्ली बिल्डिंग हादसे के बाद छात्र आवास की कमी पर उठाई आवाज, सरकार को दिया सुझाव

सोनू सूद ने दिल्ली में हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. हाल ही में दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई, जिसमें सात लोगों की जान चली गई. इनमें कई छात्र भी शामिल थे.

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Sonu Sood On Delhi PG Collapse: बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने दिल्ली में हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. हाल ही में दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई, जिसमें सात लोगों की जान चली गई. इनमें कई छात्र भी शामिल थे. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया. सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर इस मुद्दे को उठाया.

सोनू सूद ने दिल्ली बिल्डिंग हादसे के बाद क्या कुछ कहा?

उन्होंने लिखा कि हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर छोड़कर दूसरे शहर जाते हैं. लेकिन क्या हम उन्हें सुरक्षित जगह दे पा रहे हैं? दिल्ली में करीब सात लाख छात्र पढ़ते हैं, जबकि हॉस्टल की क्षमता सिर्फ 30,000 के आसपास है. यानी 31 में से सिर्फ एक छात्र को ही हॉस्टल मिल पाता है. यह आंकड़ा वाकई सोचने वाला है.


सोनू सूद ने एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के आसपास खाली पड़ी सरकारी जमीन को चिन्हित किया जाए और वहां सुरक्षित व किफायती छात्र हॉस्टल बनाए जाएं. साथ ही विश्वविद्यालयों को अपने कैंपस में और ज्यादा आवास बनाने की अनुमति दी जाए. इससे छात्रों को सुरक्षा मिलेगी, माता-पिता को सुकून होगा, विश्वविद्यालयों और सरकार को राजस्व भी मिलेगा और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि जानें बचेंगी. उन्होंने कहा कि कभी-कभी नीति में छोटा सा बदलाव किसी के सबसे बड़े सपने को सुरक्षित रख सकता है.

सोनू सूद लंबे समय से समाज सेवा के कामों के लिए जाने जाते हैं. चाहे कोविड के दौरान हो या छात्रों और जरूरतमंदों की मदद, वे हमेशा आगे रहते हैं. इस बार भी उन्होंने सिर्फ दुख जताने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाधान की ओर इशारा किया. दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास हुए इस हादसे ने छात्र आवास की कमी और अवैध पीजी की समस्याओं को फिर से सामने ला दिया है. कई छात्र महंगे और असुरक्षित कमरों में रहने को मजबूर हैं.