शार्क टैंक इंडिया का नया सीजन न केवल बिजनेस पिचों के लिए बल्कि शार्क्स की बेबाक टिप्पणियों के लिए भी सुर्खियां बटोर रहा है. हाल ही में, पीपल ग्रुप के फाउंडर और शार्क टैंक इंडिया के शार्क अनुपम मित्तल ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बिजनेस पिचर पर तीखी टिप्पणी की, जिसने शो और दर्शकों का ध्यान खींचा. शो में बिजनेस और फाइनेंस इन्फ्लुएंसर विजय निहालचंदानी ने अपने स्टार्टअप 'मेक माई पेमेंट' का आइडिया पेश किया. यह ऐप डिफॉल्टर ग्राहकों को ऑटोमेटेड पेमेंट रिमाइंडर भेजने के लिए डिजाइन किया गया है. विजय अपनी पत्नी, भाई और बिजनेस पार्टनर के साथ शो में आए और अपने स्टार्टअप के लिए 3% इक्विटी के बदले 30 लाख रुपये की मांग की.
हालांकि, जब शार्क्स ने उनके प्लेटफॉर्म के प्रदर्शन और उपयोगकर्ता आधार पर सवाल उठाए, तो उनकी पत्नी ने खुलासा किया कि अब तक 3,500 साइन-अप्स में से केवल 200 ग्राहक ही भुगतान कर रहे हैं. इस डेटा को सुनकर अनुपम मित्तल ने उनके बिजनेस मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा: 'आप 30,000 रुपये हर महीने कमा रहे हैं, इससे अच्छा ठेला लगा लो.'
अनुपम मित्तल की इस टिप्पणी के बाद शो में मौजूद दूसरे शार्क्स ने भी अपनी राय व्यक्त की, नमिता थापर (एमक्योर फ़ार्मास्युटिकल्स) ने उन्होंने पिच के मुख्य आइडिया को कमजोर बताया और कहा कि जो लोग भुगतान में चूक करते हैं, वे ऑटोमेटेड कॉल्स को आसानी से ब्लॉक या अनदेखा कर सकते हैं. अमन गुप्ता (बोट) ने विजय से उनके दूसरे बिजनेस के बारे में पूछा, और जब पता चला कि विजय एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं, तो उन्होंने उनके बिजनेस मॉडल पर और सवाल उठाए. पीयूष बंसल (लेंसकार्ट) ने विजय की सोशल मीडिया सफलता से प्रभावित दिखे, खासकर यह जानने के बाद कि वह इंस्टाग्राम से हर महीने लगभग 5 लाख रुपये कमाते हैं.
यह घटना तब चर्चा में आई जब पॉपुलर YouTuber और फिटनेस इन्फ्लुएंसर गौरव तनेजा (फ्लाइंग बीस्ट) ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि शो में कुछ शार्क्स ने उन्हें YouTube छोड़कर पूरी तरह से एक व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी. उन्होंने एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, 'YouTube बंद करो और एक बिजनेस में पूरी तरह लग जाओ.' हालांकि गौरव ने इस सलाह को नजरअंदाज करते हुए आत्मविश्वास से जवाब दिया कि वह YouTube जारी रखेंगे.
अनुपम मित्तल की टिप्पणी 'इससे अच्छा ठेला लगा लो' ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी. कुछ दर्शकों ने इसे कठोर बताया, जबकि कुछ ने इसे एक रियलिटी चेक के रूप में सराहा. एक यूजर ने लिखा, 'शार्क टैंक पर ईमानदारी दिखती है, लेकिन कभी-कभी यह ज्यादा रूखी हो जाती है.' दूसरे ने कहा, 'सही कहा, बिजनेस में प्रैक्टिकल होना जरूरी है.'