Independence Day 2026

सुप्रीम कोर्ट से समय रैना को बड़ी राहत, इंडियाज गॉट लेटेंट केस में सभी FIR रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने स्टैंडअप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द कर दी हैं. यह फैसला शुक्रवार को आया, जिससे 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो से जुड़े विवादित बयानों का आपराधिक मामला खत्म हो गया.

Pinterest
Antima Pal

India's Got Latent: सुप्रीम कोर्ट ने स्टैंडअप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द कर दी हैं. यह फैसला शुक्रवार को आया, जिससे 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो से जुड़े विवादित बयानों का आपराधिक मामला खत्म हो गया.

सुप्रीम कोर्ट से समय रैना को बड़ी राहत

मामला उस विवाद से जुड़ा था जिसमें शो के दौरान विकलांग लोगों के प्रति असंवेदनशील टिप्पणियां की गई थीं. क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि समय रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) के इलाज की ऊंची लागत पर मजाक उड़ाया और एक विकलांग व्यक्ति का मजाक बनाया. इसमें समय रैना के अलावा विपुन गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर भी शामिल थे.

इंडियाज गॉट लेटेंट केस में सभी FIR रद्द

इससे पहले कोर्ट ने समय रैना और अन्य पर कड़ी नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने उन्हें विकलांग लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने और फंड जुटाने के निर्देश दिए थे. एक सुनवाई में कोर्ट ने यह भी कहा था कि उन्होंने अदालत को गुमराह किया, इसलिए पांच लोगों पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था.


शुक्रवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाला बागची और जस्टिस जेवी मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की. कोर्ट ने पाया कि समय रैना और अन्य ने पहले दिए गए निर्देशों का पालन कर लिया है. इसी आधार पर सभी आपराधिक मामले और FIR रद्द कर दी गईं. अब इस विवाद से जुड़े केस आगे नहीं चलेंगे.

यह फैसला एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण है. कॉमेडी शो में संवेदनशील मुद्दों पर मजाक करने की सीमा को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पहले तो सख्ती दिखाई, लेकिन बाद में सुधार के प्रयासों को देखते हुए राहत दे दी. समय रैना सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। उनका शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना रहता है.