सलमान खान को नहीं गरिया पाएंगे दबंग के डॉयरेक्टर अभिनव कश्यप, कोर्ट ने 9 करोड़ के मानहानि केस में सुनाया फैसला
सलमान खान ने इन 'झूठे, घिनौने और मानहानिकारक' बयानों के खिलाफ सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया. वकील प्रदीप गांधी के जरिए दाखिल इस सूट में स्थायी रोक, 9 करोड़ रुपये का हर्जाना और बिना शर्त माफी की मांग की गई है. मुकदमे में अभिनव कश्यप के अलावा खुशबू हजारे, कोमल मेहरा और कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी नामजद किया गया है.
मुंबई: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को एक बड़े मानहानि मामले में महत्वपूर्ण कानूनी जीत मिली है. मुंबई की सिविल कोर्ट ने फिल्ममेकर अभिनव कश्यप को सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ कोई भी अपमानजनक, बदजुबानी या नकारात्मक टिप्पणी करने से अस्थायी रूप से रोक लगा दी है. यह फैसला शुक्रवार को आया, जब जज पी. जी. भोसले ने अभिनव कश्यप और दो अन्य लोगों के खिलाफ अंतरिम एक्स-पार्टे इंजंक्शन जारी किया.
सलमान खान को कोर्ट से बड़ी राहत
कोर्ट ने साफ कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ गाली-गलौज, धमकी या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करें. हर व्यक्ति की प्रतिष्ठा और निजी जीवन का सम्मान होना चाहिए. कोई भी परिवार के सदस्यों को 'अपराधी' या इसी तरह के शब्दों से नहीं पुकार सकता. यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अभिनव कश्यप ने सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कई इंटरव्यू और पॉडकास्ट में सलमान खान के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए.
अभिनव कश्यप पर आपत्तिजनक टिप्पणियों पर लगी रोक
उन्होंने सलमान और उनके परिवार को 'कन्विक्टेड क्रिमिनल्स' और 'जिहादी इकोसिस्टम' जैसी बातें कहीं. साथ ही सलमान की उम्र, लुक्स, निजी जीवन और परिवार के सदस्यों जैसे सलीम खान, अरबाज खान और सोहेल खान पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं. इनमें से कुछ बयानों में सलमान की तुलना कुख्यात अपराधियों से भी की गई.
सलमान खान ने इन 'झूठे, घिनौने और मानहानिकारक' बयानों के खिलाफ सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया. वकील प्रदीप गांधी के जरिए दाखिल इस सूट में स्थायी रोक, 9 करोड़ रुपये का हर्जाना और बिना शर्त माफी की मांग की गई है. मुकदमे में अभिनव कश्यप के अलावा खुशबू हजारे, कोमल मेहरा और कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी नामजद किया गया है. सलमान की टीम ने मांग की है कि सभी विवादित कंटेंट तुरंत हटाए जाएं, आगे कोई भी ऐसा बयान न दिया जाए और सार्वजनिक माफी मांगी जाए. कोर्ट ने इस अंतरिम आदेश के साथ याचिका पर आगे की सुनवाई तय की है.