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शादी के बाद रश्मिका मंदाना ने ऐसे मनाया अपना जन्मदिन, एक्ट्रेस के 30वें बर्थडे की इनसाइड तस्वीरें आई सामने

रश्मिका मंदाना ने अपना 30वां जन्मदिन कूर्ग में सादगी से मनाया है. पति विजय देवरकोंडा और परिवार के साथ बिताए इस खास दिन में उन्होंने बचपन की यादों को फिर से जिया.

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Babli Rautela

मुंबई: साउथ और बॉलीवुड की पॉपुलर एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना ने इस साल अपना 30वां जन्मदिन बेहद खास और अलग अंदाज में मनाया है. जहां आमतौर पर सितारे अपने जन्मदिन पर भव्य पार्टी और बड़े जश्न का आयोजन करते हैं, वहीं रश्मिका ने सादगी और भावनाओं से भरा रास्ता चुना. रश्मिका अपने जन्मदिन पर 5 अप्रैल को अपने होमटाउन कूर्ग पहुंचीं. यह वही जगह है जहां उनका बचपन बीता और जहां से उनकी जिंदगी की शुरुआत हुई.

इस खास मौके पर उनके साथ उनके पति विजय देवरकोंडा और परिवार के करीबी सदस्य मौजूद थे. उन्होंने पूरे दिन अपने प्रियजनों के साथ समय बिताया और सादगी में खुशी ढूंढी.

रश्मिका मंदाना ने ऐसे मनाया अपना बर्थडे

इस जन्मदिन का सबसे खास पहलू यह रहा कि रश्मिका ने अपने बचपन की यादों को फिर से जिया. वह उस मंदिर में गईं जहां वह बचपन से जाती रही हैं. वहां जाकर उन्होंने शांति के कुछ पल बिताए और अपने जीवन के लिए आभार व्यक्त किया. इसके अलावा वह अपने पुराने स्कूल भी पहुंचीं. हालांकि समय की कमी के कारण वह स्कूल के अंदर नहीं जा सकीं, लेकिन बाहर से ही देखकर उन्होंने अपने पुराने दिनों को महसूस किया.

रश्मिका ने अपना जन्मदिन किसी बड़े आयोजन के बजाय एक सादे केक कटिंग के साथ मनाया. इस दौरान उनके आसपास उनके सबसे करीबी लोग मौजूद थे. उन्होंने उन लोगों के साथ यह खुशी साझा की जिनके साथ उनका जीवन का सफर जुड़ा हुआ है. यह पल उनके लिए बेहद खास और भावुक रहा क्योंकि उन्होंने अपनी जिंदगी के अहम लोगों के साथ इसे बिताया.

परिवार के लिए रखा खास डिनर

रश्मिका ने अपने परिवार के उन सदस्यों के लिए भी एक खास डिनर रखा जो उनकी शादी में शामिल नहीं हो पाए थे. इस तरह उनका जन्मदिन सिर्फ एक जश्न नहीं बल्कि रिश्तों को जोड़ने और परिवार के साथ समय बिताने का मौका बन गया.

अपने जन्मदिन के अनुभव को साझा करते हुए रश्मिका ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखा. उन्होंने बताया कि यह जन्मदिन उनके लिए बेहद खास रहा क्योंकि लंबे समय बाद वह अपने घर लौटीं और बचपन की दुनिया में खो गईं. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने उनकी जिंदगी को आकार दिया, उनके साथ यह दिन बिताना उन्हें बहुत सुकून देने वाला अनुभव लगा.