menu-icon
India Daily

'पैसे से नहीं बिक सकता मैं, कला ही मेरी पहचान...', राजपाल यादव ने किसपर साधा निशाना?

राजपाल यादव ने हाल ही में अपनी कलात्मक यात्रा और आर्थिक परेशानियों पर खुलकर बात की. एएनआई से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि आर्थिक या कानूनी मुश्किलें उनके 26 साल के कलात्मक सफर पर छाया नहीं डाल सकतीं.

antima
Edited By: Antima Pal
'पैसे से नहीं बिक सकता मैं, कला ही मेरी पहचान...', राजपाल यादव ने किसपर साधा निशाना?
Courtesy: X

Rajpal Yadav Financial Struggles: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने हाल ही में अपनी कलात्मक यात्रा और आर्थिक परेशानियों पर खुलकर बात की. एएनआई से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि आर्थिक या कानूनी मुश्किलें उनके 26 साल के कलात्मक सफर पर छाया नहीं डाल सकतीं. दिल्ली हाईकोर्ट ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े चेक बाउंस केस में उनकी और उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखा है. इसके बावजूद राजपाल यादव ने खुद को सिर्फ कलाकार बताया.

'पैसे से नहीं बिक सकता मैं, कला ही मेरी पहचान...'

उन्होंने कहा- 'मैं अपने करियर के प्रति समर्पित हूं. मैं भारतीय सिनेमा का छात्र हूं. अगर पिछले 30-40 साल में गांव से लेकर यहां तक 100-200 लोगों का पैसा बकाया है, तो वह उनके घर तक पहुंच जाएगा. लेकिन जब फंड की दिक्कत हो, तो कलाकार की पूरी बायोडाटा पर दांव कैसे लगाया जा सकता है?' राजपाल यादव ने जोर देकर बताया कि हर एयरपोर्ट पर उन्हें 500 सेल्फी क्लिक करवाई जाती हैं. वह दुनिया के जिम्मेदार अभिनेता हैं.

राजपाल यादव ने किसपर साधा निशाना?

सबसे महत्वपूर्ण बात उन्होंने यह कही- 'मुझे 5 करोड़, 10 करोड़, 100 करोड़ या 250 करोड़ में कोई नहीं खरीद सकता. मैं बचपन से ही कला के नाम पर बिक चुका हूं. पैसे से मुझे कोई नहीं खरीद सकता. इस पर विश्वास रखें.' उन्होंने भरत मुनि के शिष्य होने का जिक्र करते हुए कहा कि जीवन एक मंच है. जन्म से लेकर मृत्यु तक हम अलग-अलग किरदार निभाते हैं. कुछ 100 साल जीते हैं, कुछ 75. इस दौरान खुद को परखना चाहिए कि क्या अच्छा किया और क्या बुरा.

राजपाल यादव ने खुद को थिएटर और फिल्मों का पुजारी बताया. उन्होंने कहा कि वे 2000 से 2026 तक की अपनी पूरी यात्रा को काम के जरिए पेश करेंगे. इसमें एक-दो साल लग सकते हैं, लेकिन वे जरूर कुछ ऐसा बनाएंगे जिससे लोग देख सकें कि राजपाल ने क्या किया. उन्होंने पहले दिन से ही कहा है कि वे कभी खोए नहीं- न फिल्म बनाते हुए, न घर बनाते हुए, न करियर बनाते हुए.

उन्होंने आगे कहा- 'मुझे इस दुनिया से बहुत प्यार है. पूरा भारतीय फिल्म उद्योग और थिएटर मेरा घर है. मैं उसी में जीता हूं.' राजपाल यादव की यह बातें उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं. कलाकार की पहचान उसके काम से होती है, पैसे या मुकदमों से नहीं- यह संदेश उन्होंने साफ दिया है. उनकी आगामी योजनाओं को लेकर फैंस उत्सुक हैं कि वे अपनी कला यात्रा को कैसे पेश करेंगे.