Rajvir Jawanda Death: पंजाबी सिंगर राजवीर जवंदा का सड़क हादसे के 10 दिन बाद निधन, 35 साल की उम्र में तोड़ा दम

Rajvir Jawanda Death: पंजाबी गायक राजवीर जवंदा का सड़क दुर्घटना के 10 दिन बाद निधन हो गया. 35 साल के सिंगर मोहाली के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे. उनके निधन से पंजाबी संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.

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Babli Rautela

Rajvir Jawanda Death: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में कुछ दिन पहले हुई एक सड़क दुर्घटना में पंजाबी गायक राजवीर जवंदा गंभीर रूप से घायल हो गए थे. सूत्रों के मुताबिक, उनकी बाइक एक तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई थी, जिससे उन्हें सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं थी. उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए मोहाली के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था.

डॉक्टरों ने बताया कि सिंगर पिछले 10 दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे और लगातार उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी. हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली. राजवीर जवंदा अपने सुरों की मिठास और देसी अंदाज के लिए जाने जाते थे. उनके गीत ‘गब्बरू’, ‘पटोला’, ‘लहरियां’, ‘मुछ’ और ‘कामी’ ने लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई थी. 

नीरू बाजवा ने दी श्रद्धांजलि

पंजाबी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस नीरू बाजवा ने राजवीर जवंदा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'इतने युवा और होनहार जीवन के दुखद नुकसान से दिल टूट गया है. @rajvirjawandaofficial के परिवार और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना. ईश्वर आपको इस अकल्पनीय समय में शक्ति और शांति प्रदान करे. बहुत जल्दी चले गए, लेकिन कभी भुलाए नहीं जाएंगे.'

उनकी इस पोस्ट पर हजारों फैंस ने 'Gone too soon', 'Rest in Peace' और 'Legend Never Dies' जैसे कमेंट्स किए. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर RajvirJawanda ट्रेंड करने लगा और लोगों ने अपने पसंदीदा गायक की यादें साझा कीं.

राजवीर जवंदा के बारे में

राजवीर जवंदा का जन्म मांसा जिले के गांव जवंदा कलां में हुआ था. उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत लोकगीतों से की थी और धीरे-धीरे पंजाबी इंडस्ट्री में बड़ा नाम बना लिया. उनकी आवाज में गांव की मिट्टी की खुशबू और देसी रूह का एहसास था. उनका गीत ‘पटोला’ रिलीज होते ही सुपरहिट साबित हुआ और उन्हें रातोंरात पहचान मिली. बाद में उन्होंने कई हिट ट्रैक्स दिए, जिनमें ‘धार’, ‘शाहीन’ और ‘जट्ट दी जिद्द’ जैसे गाने शामिल हैं. राजवीर न केवल एक गायक थे बल्कि एक किसान परिवार के बेटे होने के नाते उन्होंने अपने गानों में खेतीबाड़ी और पंजाबियत को भी बखूबी उभारा.

दुर्घटना के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया. परिजनों के अनुसार, गायक का इलाज मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था और हर दिन उनकी हालत को लेकर प्रार्थनाएं की जा रही थीं. फैंस और साथी कलाकार लगातार सोशल मीडिया पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे. लेकिन मंगलवार देर रात वह जिंदगी की जंग हार गए.