Parineeti Chopra Birthday Special: कुछ लोग फिल्मों में आने का सपना लेकर घर से निकलते हैं और कुछ सपना किसी और चीज का देखते हैं, पर पहुंच फिल्मों में ही जाते हैं. परिणीति चोपड़ा दूसरी तरह की कहानी हैं. उनका इरादा एक अच्छी नौकरी करने का था, लेकिन किस्मत ने उन्हें पर्दे तक पहुंचा दिया. आज 22 अक्टूबर को परिणीति अपना 38वां जन्मदिन मना रही हैं. हरियाणा के अंबाला में 22 अक्टूबर 1988 को जन्मी इस अभिनेत्री की जिंदगी के कई पन्ने ऐसे हैं, जो बहुत कम लोगों को पता हैं. जन्मदिन के मौके पर आइए उन्हीं पन्नों को पलटते हैं.
परिणीति जिस परिवार से आती हैं, वहां पढ़ाई को खास अहमियत दी जाती थी. अंबाला में शुरुआती पढ़ाई के बाद वह इंग्लैंड गईं. वहां उन्होंने बिजनेस, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की. पढ़ाई में वह काफी अच्छी थीं. उस वक्त शायद ही किसी ने सोचा हो कि यह लड़की आगे चलकर फिल्मों में नाम कमाएगी.
शुरुआत में परिणीति अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थीं. उनका सपना एक अच्छी नौकरी का था. मगर रास्ते ने मोड़ लिया और वह फिल्मी दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यशराज फिल्म्स में की, जहां वह कंपनी के मार्केटिंग और पब्लिक रिलेशन विभाग में काम करती थीं. इसी दौरान उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका मिला.
साल 2011 में आई 'लेडीज वर्सेज रिकी बहल' से परिणीति ने बॉलीवुड में कदम रखा. फिल्म में उनके काम को पसंद किया गया और उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला. अगले ही साल 'इश्कजादे' में अर्जुन कपूर के साथ जोया के किरदार ने उन्हें असली पहचान दी. दर्शकों ने उन्हें खूब प्यार दिया.
चमक दमक से दूर परिणीति का बचपन बेहद सादा था. मैशबेल मिडिल ईस्ट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि तब आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी और पापा के पास जन्मदिन पर केक लाने के पैसे नहीं होते थे. वह बाजार से एक पीस रसगुल्ला या रसमलाई लाते थे. परिणीति उसी को काटकर खुशी खुशी जन्मदिन मना लेती थीं.
'इश्कजादे' के बाद परिणीति 'शुद्ध देसी रोमांस', 'हंसी तो फंसी', 'दावत ए इश्क' और 'मेरी प्यारी बिंदु' जैसी फिल्मों में दिखीं. खास तौर पर 'अमर सिंह चमकीला' में उनके काम की काफी तारीफ हुई. एक रसगुल्ले से शुरू हुई कहानी आज बड़े सितारों के साथ काम करने तक पहुंच चुकी है.