Pahalgam Terrorist Attack: 'हत्यारे मुसलमान नहीं 'आतंकवादी' थे', आखिर क्यों इस सिंगर को पहलगाम हमले पर इस तरह देनी पड़ी सफाई?
Pahalgam Terrorist Attack: संगीतकार सलीम मर्चेंट ने पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई. अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सलीम ने एक वीडियो पोस्ट किया, उन्होंने कहा कि हमारे हत्यारे मुसलमान नहीं बल्कि 'आतंकवादी' थे.
Pahalgam Terrorist Attack: जाने माने प्लेबैक सिंगर और संगीतकार सलीम मर्चेंट ने बुधवार को पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई. अपना गुस्सा दिखाते हुए उन्होंने कहा कि हमारे हत्यारे मुसलमान नहीं बल्कि 'आतंकवादी' थे. मृतकों के परिवारों के लिए प्रार्थना करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लाम हिंसा नहीं सिखाता.
सलीम ने बुधवार रात अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'पहलगाम में निर्दोष लोगों को इसलिए मारा गया क्योंकि वे हिंदू थे, मुसलमान नहीं. क्या हत्यारे मुसलमान हैं? नहीं, वे आतंकवादी हैं. क्योंकि इस्लाम यह नहीं सिखाता. कुरान-ए-शरीफ, सूरह अल-बकराह, आयत 256 में कहा गया है कि धर्म में कोई बाध्यता नहीं है. यह कुरान-ए-शरीफ में लिखा है.'
सलीम मर्चेंट ने की आतंकी हमले की निंदा
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर आगे लिखते हुए उन्होंने आगे कहा, 'आज, मैं एक मुसलमान के तौर पर अपने हिंदू भाइयों और बहनों पर सिर्फ़ इसलिए हमला होते और मारे जाते देखकर शर्मिंदा हूं क्योंकि वे हिंदू थे. यह कब खत्म होगा? मुझे नहीं पता कि मैं अपना दुख और गुस्सा कैसे व्यक्त करूं.'
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उन्होंने कहा, 'मैं उन निर्दोष लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई. भगवान उनके परिवारों को शक्ति और समृद्धि प्रदान करें. ओम शांति!' जैसे ही सलीम ने वीडियो शेयर किया, नेटिजन्स ने उनके रुख पर सहमति जताई और आखिरकार अपनी बात कहने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया.
न्याय के लिए उठाई आवाज
बुधवार की सुबह, सलीम ने कहा था कि ऐसा कोई कदम या न्याय नहीं है जो शोक इन परिवारों के नुकसान की भरपाई कर सके. उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'दर्द को ठीक करने के लिए कोई शब्द नहीं हैं, कोई न्याय इतना तेज नहीं है जो भयावहता को दूर कर सके. हम उन लोगों के लिए रोते हैं जिन्हें हमने खो दिया है. हम उन लोगों के लिए दुखी हैं जो पीछे रह गए हैं.'
22 अप्रैल को आतंकवादियों ने दिनदहाड़े पहलगाम के एक मशहूर स्थान पर मौज-मस्ती कर रहे पर्यटकों पर हमला किया और उन पर गोलियां चलाईं. वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, आतंकवादियों ने पर्यटकों को गोली मारने से पहले उनसे उनका धर्म पूछा. इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें एक स्थानीय घुड़सवार भी शामिल था, जिसे एक आतंकवादी को निहत्था करने और पर्यटकों को बचाने की कोशिश करते समय गोली मार दी गई थी.