स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र गृह विभाग ने उनके सभी वीडियो कंटेंट की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं. यह जांच महाराष्ट्र साइबर पुलिस को सौंपी गई है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद वीडियो, वायरल क्लिप और अन्य ऑनलाइन सामग्री की समीक्षा करेगी. सरकार के इस फैसले के बाद मामला मनोरंजन जगत से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है. विवाद की शुरुआत एक स्टैंडअप शो के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो से हुई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वायरल क्लिप में एक व्यक्ति ने डेटिंग से जुड़ी टिप्पणी की थी, जिस पर दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्ति जताई.
इसके अलावा एक और वायरल वीडियो में एक मेडिकल छात्रा द्वारा एनाटॉमी कक्षाओं और शवों से संबंधित कुछ टिप्पणियां की गई थीं. वीडियो में मौजूद प्रतिक्रियाओं और मंच पर हुई बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना देखने को मिली. इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कार्रवाई की मांग उठने लगी.
विवाद बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि यदि उनकी किसी बात या कार्यक्रम से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ चल रही सभी कानूनी प्रक्रियाओं में वह पूरी तरह सहयोग करेंगे. साथ ही लोगों से उन्हें एक अवसर देने की अपील करते हुए कहा कि वह भविष्य में और बेहतर इंसान बनने का प्रयास करेंगे.
The Maharashtra Home Department has ordered a detailed investigation into all video content of stand-up comedian Pranit More. The probe has been handed over to the Maharashtra Cyber Police, which will examine his show videos, viral clips, and online content across social media… pic.twitter.com/Nv6Srnn6Ey
— IANS (@ians_india) June 14, 2026Also Read
- 'लॉरेंस बिश्नोई गैंग...' जालंधर में केजरीवाल, कहा-पंजाब में संगठित अपराध लंबे समय से एक बड़ी चुनौती
- Main Wapas Aaunga Collection Day 2: दूसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर चमकी 'मैं वापस आऊंगा', कमाई में आया बड़ा उछाल, वीकेंड पर होगा बड़ा धमाका!
- सुशांत सिंह राजपूत को याद कर छलका बहन श्वेता का दर्द, बोलीं- 'भाई हमेशा जिंदा रहेंगे'
मामले पर कई राजनीतिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है. रितु तावड़े ने विवादित टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए. उन्होंने राज्य सरकार से इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. वहीं हुसैन दलवई ने भी विवादित टिप्पणियों की निंदा करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उनका कहना था कि इस प्रकार की टिप्पणियां समाज में सम्मान और संवेदनशीलता की भावना के विपरीत हैं.