Comedian Kaviraj Singh: सेक्स वर्कर्स से कर दी महिला इन्फ्लुएंसर्स की तुलना, कौन हैं स्टैंड-अप कॉमेडियन कविराज सिंह, जिनके बयान से मचा बवाल
कॉमेडियन कविराज सिंह इन दिनों सोशल मीडिया पर विवादों में घिर गए हैं. उनकी हालिया कॉमेडी स्पेशल 'आ री वीमेन बिकमिंग मेन?' में महिलाओं पर की गई टिप्पणियों और खासकर महिला इन्फ्लुएंसर्स को सेक्स वर्कर्स से जोड़ने वाले मजाक ने तूफान खड़ा कर दिया है.
Comedian Kaviraj Singh: स्टैंड-अप कॉमेडियन कविराज सिंह इन दिनों सोशल मीडिया पर विवादों में घिर गए हैं. उनकी हालिया कॉमेडी स्पेशल 'आ री वीमेन बिकमिंग मेन?' में महिलाओं पर की गई टिप्पणियों और खासकर महिला इन्फ्लुएंसर्स को सेक्स वर्कर्स से जोड़ने वाले मजाक ने तूफान खड़ा कर दिया है. कविराज के इस 'मजाक' की निंदा करने वालों में अभिनेत्री 'कुशा कपिला', 'स्वरा भास्कर' और 'उर्फी जावेद' जैसी हस्तियां शामिल हैं. लेकिन उनके फैंस उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं. आखिर कौन हैं कविराज सिंह चलिए जानते हैं.
सेक्स वर्कर्स से कर दी महिला इन्फ्लुएंसर्स की तुलना
कविराज सिंह एक स्टैंड-अप कॉमेडियन, लेखक और निर्माता हैं, जो मुंबई में रहते हैं. 39 साल के कविराज ने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की, लेकिन इंजीनियरिंग छोड़कर सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखा. उन्होंने 'द वायरल फीवर', 'ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' और 'बीइंग इंडियन' जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट बनाया. अब वे 'पॉकेट चेंज' चैनल के हेड हैं, जहां सामाजिक मुद्दों पर आधारित कॉमेडी बनाते हैं. उनकी स्टैंड-अप कॉमेडी ज्यादातर हिंदी में होती है, जिसमें वे रोजमर्रा की बातों और सामाजिक बदलावों पर चुटकी लेते हैं. उनकी वीडियो यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर लाखों व्यूज बटोरती हैं.
विवाद तब शुरू हुआ, जब कविराज ने अपनी कॉमेडी में महिला इन्फ्लुएंसर्स को अपमानजनक तरीके से सेक्स वर्कर्स से जोड़ा. उन्होंने एक मजाक में महिलाओं की तुलना भैंस से की और फेमिनिज्म का मजाक उड़ाया. कंटेंट क्रिएटर अमन पांडे ने इंस्टाग्राम पर इसे 'घटिया' बताया, जिसके बाद कई महिला कॉमेडियन्स और अभिनेत्रियों ने कविराज की आलोचना की. कुशा कपिला ने इसे 'खतरनाक' और 'महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वाला' कहा.
कविराज ने नहीं दिया कोई जवाब
हालांकि कविराज ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया और उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के कमेंट्स बंद कर दिए. उनके फैंस उन्हें 'सच्चाई बोलने वाला' कहकर समर्थन दे रहे हैं. कुछ ने तो उनके यूट्यूब वीडियो पर हजारों रुपये डोनेट किए. लेकिन आलोचकों का कहना है कि उनकी कॉमेडी 'डार्क ह्यूमर' के नाम पर महिलाओं को नीचा दिखाती है.