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कभी KBC से 50 लाख जीत कर मिली थी पहचान, अब किस कांड में गिरफ्तार हुई अमिता सिंह तोमर

केबीसी 5 की विजेता अमिता सिंह तोमर को 2.5 करोड़ के बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तार किया गया है. एक समय 50 लाख जीतकर चर्चा में आईं अमिता अब कानूनी मामले में घिरी हैं. उनका जीता हुआ सवाल भी फिर वायरल हो रहा है.

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Edited By: Babli Rautela
कभी KBC से 50 लाख जीत कर मिली थी पहचान, अब किस कांड में गिरफ्तार हुई अमिता सिंह तोमर
Courtesy: Social Media

मुंबई: टीवी के सबसे लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति से पहचान बनाने वाली अमृता सिंह तोमर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी सफलता नहीं बल्कि गिरफ्तारी है. साल 2011 में अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए गए इस शो के पांचवें सीजन में अमिता सिंह तोमर ने शानदार खेल दिखाते हुए 50 लाख रुपये जीते थे. उनकी यह जीत उस समय काफी चर्चा में रही थी और वह एक प्रेरणा के रूप में देखी गई थीं.

लेकिन अब खबर है कि अमिता को 2.5 करोड़ रुपये के कथित बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तार किया गया है. यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हुई है, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है.

किस सवाल से मिले थे 50 लाख रुपए?

केबीसी के उस यादगार एपिसोड में अमिता सिंह तोमर हॉट सीट पर पहुंचीं और शानदार खेल दिखाया. 50 लाख रुपये के लिए उनसे इतिहास से जुड़ा एक सवाल पूछा गया था. सवाल था कि 1857 के संग्राम में वह कौन सा ब्रिटिश कमांडर था जिसने ग्वालियर में Rani Lakshmibai और Tatya Tope के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी.

चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें से सही जवाब था ह्यू रोज. अमिता ने सही जवाब चुनकर 50 लाख रुपये जीत लिए थे. यह पल उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना था.

अब कैसे फंसीं घोटाले में

अब बात करें मौजूदा मामले की, तो अमिता सिंह तोमर पर 2.5 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले में शामिल होने का आरोप है. यह मामला साल 2021 का बताया जा रहा है, जब बड़ौदा तहसील में कुछ अनियमितताएं सामने आई थीं. पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच के बाद उनकी भूमिका सामने आई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है.

अमिता सिंह तोमर एक तहसीलदार के रूप में कार्यरत थीं और उन्होंने कई सालों तक अलग अलग विभागों में काम किया. 2023 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दिया था, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया. उनके इस्तीफे में यह भी सामने आया था कि उन्हें लंबे समय से उचित जिम्मेदारी नहीं मिल रही थी और वह खुद को नजरअंदाज महसूस कर रही थीं.