हैदराबाद रेप मर्डर केस पर बनी है करीना कपूर की 'दायरा'? क्या है सच? मेघना गुलजार ने दिया जवाब
करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म 'दायरा' का ट्रेलर लॉन्च हो चुका है. मुंबई में लॉन्च के दौरान डायरेक्टर मेघना गुलजार से पूछा गया कि क्या फिल्म 2019 के हैदराबाद रेप मर्डर केस से प्रेरित है. जानें इस सवाल पर डायरेक्टर ने क्या जवाब दिया.
मुंबई: करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की आने वाली फिल्म 'दायरा' रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है. फिल्म को जानी मानी डायरेक्टर मेघना गुलजार डायरेक्ट कर रही हैं, जिन्होंने इससे पहले 'राजी' और 'छपाक' जैसी फिल्मों के जरिए गंभीर विषयों को पर्दे पर उतारा है. सोमवार, 31 अगस्त को मुंबई में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान मेघना से पूछा गया कि क्या 'दायरा' साल 2019 में हुए हैदराबाद रेप मर्डर केस से प्रेरित है.
इस सवाल पर मेघना गुलजार ने साफ किया कि फिल्म को किसी एक घटना या केस की कहानी के तौर पर नहीं बनाया गया है. उनके मुताबिक, 'दायरा' की कहानी तैयार करते समय टीम ने अलग अलग घटनाओं और मामलों को समझने की कोशिश की. मेघना ने कहा कि फिल्म में जिन संवेदनशील मुद्दों को उठाया गया है, उन्हें केवल किसी एक केस तक सीमित करना कहानी को एक सीमित नजरिया दे देता. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म में उठाए गए मुद्दे किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के अलग अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं.
कई मामलों से ली गई कॉमन कड़ी
मेघना के मुताबिक, फिल्म की कहानी तैयार करते समय टीम ने अलग अलग मामलों में मौजूद समान पहलुओं को समझने की कोशिश की. इन घटनाओं के भावनात्मक, आपराधिक और कानूनी पहलुओं को देखने के बाद कहानी के लिए कुछ कॉमन कड़ियों को चुना गया. यानी 'दायरा' को किसी एक वास्तविक घटना का सीधा रूपांतरण या किसी एक केस की रीटेलिंग कहना सही नहीं होगा. फिल्म कई वास्तविक घटनाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों और अनुभवों से प्रभावित बताई जा रही है.
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क्या था 2019 का हैदराबाद रेप मर्डर केस?
साल 2019 में हैदराबाद के पास एक 26 वर्षीय वेटरनरी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था. घटना शमशाबाद इलाके के पास हुई थी और इसके बाद मामले को लेकर देशभर में भारी आक्रोश देखने को मिला. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनके नाम मोहम्मद आरिफ, चिंताकुंटा चेन्नाकेशवुलु, जोल्लू शिवा और जोल्लू नवीन बताए गए थे. बाद में पुलिस ने दावा किया कि जांच के दौरान अपराध स्थल पर ले जाए जाने के दौरान चारों आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई. इस एनकाउंटर ने भी देशभर में बहस छेड़ दी थी.