बादशाह के नए गाने 'टटिहरी' पर बवाल, हरियाणा महिला आयोग की हुई एंट्री, भेजा समन
पहली बार नहीं है जब बादशाह के गानों पर आपत्ति उठी हो. उनके कई ट्रैक्स पहले भी महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने के आरोपों में घिरे हैं. लेकिन इस बार हरियाणवी टच और लोकल कल्चर से जुड़ाव के कारण विवाद ज्यादा बड़ा हो गया है. कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे गाने युवाओं पर गलत असर डालते हैं और समाज में गन कल्चर या गंद कल्चर को बढ़ावा देते हैं.
मुंबई: मशहूर रैपर बादशाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. उनके ताजा रिलीज हुए हरियाणवी स्टाइल के गाने 'टटिहरी' के बोलों को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने सख्त कार्रवाई की है. आयोग ने बादशाह को समन जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है. यह मामला 1 मार्च 2026 को गाने के रिलीज होने के कुछ दिनों बाद ही गरमा गया.
बादशाह के नए गाने 'टटिहरी' पर बवाल
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने बताया कि कई शिकायतें मिलने के बाद आयोग ने खुद संज्ञान लिया है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द indecent, अपमानजनक और महिलाओं व नाबालिगों को ऑब्जेक्टिफाई करने वाले हैं. गाने में स्कूल यूनिफॉर्म वाली लड़कियों को बैग फेंकते और अभद्र तरीके से नाचते दिखाया गया है, जिससे हरियाणवी संस्कृति और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है.
शिकायत मुख्य रूप से पानीपत की 'नारी तू नारायणी उत्थान समिति' की अध्यक्ष सविता आर्या और 'शिव आरती इंडिया फाउंडेशन' के डायरेक्टर शिव कुमार ने की है. अखिल भारतीय सहारण खाप और कई अन्य सामाजिक संगठनों ने भी गाने का विरोध किया है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऐसे गानों पर रोक लगाई जाए, जो समाज में गलत संदेश फैलाते हैं. आधिकारिक समन 6 मार्च 2026 को जारी किया गया, जिसमें बादशाह को सुनवाई के लिए बुलाया गया है.
गाना रिलीज होते ही यूट्यूब पर तेजी से वायरल
समन पानीपत के पुलिस अधीक्षक को भी भेजा गया है, ताकि सभी पक्षों की मौजूदगी सुनिश्चित हो सके. आयोग का कहना है कि गाने के बोल न सिर्फ सांस्कृतिक सीमाओं का उल्लंघन करते हैं, बल्कि महिलाओं की इज्जत को भी चुनौती देते हैं. बादशाह ने इस गाने को पेंटेनटेनमेंट के तहत 1 मार्च को रिलीज किया था. इसमें सिमरन जगलान (हरियाणवी सिंगर करंबीर फौजी की बेटी और बॉक्सर) और हितेन की भी आवाज है. गाना रिलीज होते ही यूट्यूब पर तेजी से वायरल हुआ और अब 20 लाख से ज्यादा व्यूज पार कर चुका है. लेकिन विवाद के चलते अब लोग इसे दो हिस्सों में बांटकर देख रहे हैं - एक तरफ पार्टी ट्रैक के तौर पर पसंद, दूसरी तरफ बोलों को लेकर आलोचना.
यह पहली बार नहीं है जब बादशाह के गानों पर आपत्ति उठी हो. उनके कई ट्रैक्स पहले भी महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने के आरोपों में घिरे हैं. लेकिन इस बार हरियाणवी टच और लोकल कल्चर से जुड़ाव के कारण विवाद ज्यादा बड़ा हो गया है. कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे गाने युवाओं पर गलत असर डालते हैं और समाज में गन कल्चर या गंद कल्चर को बढ़ावा देते हैं. हरियाणा पुलिस ने भी हाल के दिनों में हिंसा या असामाजिक व्यवहार को बढ़ावा देने वाले गानों पर कार्रवाई की है, जिससे यह मामला और संवेदनशील हो गया है.