Gullak Season 5 Review: 'सीरीज तो देखनी ही पड़ेगी, कोई च्वाइस नहीं', कैसा है गुल्लक का 5वां सीजन? देखने से पहले पढ़ लीजिए रिव्यू
'गुल्लक' सीरीज इस बार भी वही पुराना जादू दिखाती है. हर एपिसोड में हल्की-फुल्की हंसी के साथ गहरी बातें भी छुपी हैं. रिश्तों की नाजुकता, माता-पिता की चिंताएं और भाइयों के बीच का प्यार बहुत ही संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है. कई बार ऐसे सीन आते हैं जो दिल को छू जाते हैं.
Gullak Season 5 Review: सात साल पहले मिश्रा परिवार हमारे दिलों में बस गया था. साल 2019 में शुरू हुई TVF की सीरीज 'गुल्लक' आज भी उसी प्यार और अपनापन के साथ लौटी है. अब इसका पांचवां सीजन SonyLIV पर रिलीज हो चुका है. इस बार भी सीरीज मध्यमवर्गीय परिवार की छोटी-छोटी खुशियों, झगड़ों और रिश्तों की गहराई को बड़े प्यार से दिखाती है.
कैसा है गुल्लक का 5वां सीजन?
आज के समय में जहां लोग सस्पेंस, क्राइम और बोल्ड कंटेंट देखना पसंद करते हैं, वहीं 'गुल्लक' जैसे शोज दर्शकों को अलग तरह की राहत देते हैं. 'पंचायत', 'ये मेरी फैमिली' और 'दुपहिया' की तरह यह सीरीज भी गांव और घर की सच्ची कहानियों पर भरोसा रखती है. इसमें कोई लग्जरी कारें, बड़े बंगले या ड्रामेटिक ट्विस्ट नहीं हैं. बस एक साधारण सा कुल्हड़ चाय जैसा एहसास है, जो धीरे-धीरे दिल में उतरता जाता है.
पांचवां सीजन करीब दो साल बाद आया है. मिश्रा परिवार के सदस्य – संतोष मिश्रा, शांति मिश्रा, अनिल और अमित – फिर से स्क्रीन पर नजर आ रहे हैं. परिवार के रोजमर्रा के छोटे-छोटे मुद्दे, बच्चों की पढ़ाई, पैसे की टेंशन, रिश्तों की मिठास और कभी-कभी कड़वाहट… सब कुछ इतना सच्चा लगता है कि देखते हुए लगता है जैसे अपने ही घर की कहानी चल रही हो.
'सीरीज तो देखनी ही पड़ेगी, कोई च्वाइस नहीं'
सीरीज इस बार भी वही पुराना जादू दिखाती है. हर एपिसोड में हल्की-फुल्की हंसी के साथ गहरी बातें भी छुपी हैं. रिश्तों की नाजुकता, माता-पिता की चिंताएं और भाइयों के बीच का प्यार बहुत ही संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है. कई बार ऐसे सीन आते हैं जो दिल को छू जाते हैं और याद दिलाते हैं कि जीवन की असली खुशियां छोटी-छोटी चीजों में ही छुपी हैं. हालांकि इस सीजन में एक कमी साफ नजर आती है.
विलेन वाला एंगल लगता है जबरन घुसेड़ा हुआ
एक विलेन वाला एंगल जबरन घुसेड़ा हुआ लगता है, जो सीरीज को कहीं-कहीं खींचता है. कहानी में यह हिस्सा थोड़ा फोर्स्ड फील होता है और सीजन की नेचुरल फ्लो को थोड़ा प्रभावित करता है. फिर भी कुल मिलाकर 'गुल्लक' सीजन 5 देखने लायक है. एक बार शुरू करने के बाद आप सातों एपिसोड लगातार देखे बिना नहीं रह पाएंगे.
अब भी वही गर्माहट देती है 'गुल्लक'
TVF ने फिर साबित कर दिया कि साधारण कहानियों को भी खूबसूरती से पेश किया जा सकता है. जो लोग परिवार, रिश्तों और सच्चे भावनाओं की कहानियां पसंद करते हैं, उनके लिए यह सीजन अच्छा विकल्प है. 'गुल्लक' अब भी वही गर्माहट देती है, भले ही कुछ जगहों पर पुरानी चमक थोड़ी कम दिखे. मिश्रा परिवार एक बार फिर आपके दिल में घर कर जाएगा.