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आज भी इन योद्धाओं का नाम सुनकर कांप जाता है पाकिस्तान, बॉर्डर 2 में सनी-वरुण-दिलजीत और अहान निभा रहे हैं ये किरदार

सनी देओल की मोस्टअवेटेड फिल्म बॉर्डर 2 सिर्फ एक युद्ध फिल्म नहीं बल्कि 1971 के भारत पाक युद्ध के उन असली हीरोज को श्रद्धांजलि है जिनकी बहादुरी से देश ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी के किरदार रियल वॉर हीरोज से प्रेरित बताए जा रहे हैं.

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Babli Rautela

मुंबई: सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 केवल 1971 के भारत पाक युद्ध की घटनाओं को नहीं दिखाती बल्कि उन सैनिकों की कहानी सामने लाती है जिन्होंने जान की परवाह किए बिना देश के लिए मोर्चा संभाला. फिल्म के ट्रेलर में दिखाए गए किरदारों की वर्दी पर लगे नाम यह संकेत देते हैं कि ये रोल किसी न किसी रियल वॉर हीरो से प्रेरित हैं. हालांकि फिल्मों में किरदारों को हूबहू नहीं दिखाया जाता लेकिन उनकी बहादुरी और जज्बा पूरी तरह असली होता है.

फिल्म में सनी देओल का किरदार फतेह सिंह कलेर नाम से सामने आता है. यह नाम मेजर जनरल हरदेव सिंह कलेर से काफी मिलता जुलता माना जा रहा है. हरदेव सिंह कलेर दूसरे विश्व युद्ध में भी हिस्सा ले चुके थे और 1965 के हाजी पीर अभियान के हीरो रहे थे. 1971 के युद्ध में वे भारतीय सेना के सीनियर कमांडर थे. उन्होंने पूरे सेक्टर की रणनीति तैयार की थी. सैनिकों की तैनाती सप्लाई लाइन की सुरक्षा और जवानों का मनोबल बनाए रखना उनकी बड़ी जिम्मेदारी थी. 

वरुण धवन ने निभाया परमवीर चक्र विजेता का रोल

बॉर्डर 2 में वरुण धवन का किरदार होशियार सिंह दहिया नाम से दिखाया गया है. इतिहास में मेजर होशियार सिंह दहिया 1971 के युद्ध के दौरान ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट का हिस्सा थे. उनकी तैनाती शकरगढ़ सेक्टर में थी जहां दुश्मन ने मजबूत बंकर बना रखे थे.

दहिया की कंपनी को दुश्मन की चौकी पर हमला करना था. भारी फायरिंग के बीच उन्होंने एक के बाद एक ट्रेंच पर कब्जा किया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वे मशीनगन पर डटे रहे और दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया. इस हमले के बाद दुश्मन अपने दर्जनों सैनिक छोड़कर भाग गया. इस अद्भुत बहादुरी के लिए उन्हें परमवीर चक्र से नवाजा गया था.

दिलजीत दोसांझ बने वायुसेना के अकेले योद्धा

दिलजीत दोसांझ का किरदार एन जे एस सेखों नाम से दिखाया गया है. यह नाम फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों से प्रेरित माना जा रहा है. वे 1971 के युद्ध के दौरान श्रीनगर एयरबेस पर तैनात थे. 14 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने अचानक एयर अटैक किया. उस समय अधिकतर भारतीय विमान जमीन पर थे. ऐसे हालात में सेखों अकेले पायलट थे जिन्होंने तुरंत उड़ान भरी. उन्होंने हवा में कई दुश्मन विमानों का सामना किया और कम से कम एक विमान को मार गिराया. अंत में उनका विमान गिर गया और वे शहीद हो गए. उनकी बहादुरी ने एयरबेस को तबाह होने से बचा लिया. उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र दिया गया था.

अहान शेट्टी का किरदार

अहान शेट्टी का किरदार एम एस रावत नाम से सामने आया है. यह नाम नौसेना अधिकारी मेहरबान सिंह रावत से मिलता जुलता बताया जा रहा है. 1971 के युद्ध में वे उन अभियानों का हिस्सा थे जिन्होंने पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका दिया था.

ऑपरेशन ट्राइडेंट और ऑपरेशन पाइथन के तहत भारतीय नौसेना ने कराची पोर्ट पर मिसाइल हमले किए थे. दुश्मन के तट के करीब जाकर हमला करना बेहद जोखिम भरा था. इन हमलों के बाद कराची में कई दिनों तक आग लगी रही और पाकिस्तान की नौसेना कमजोर पड़ गई. ऐसे अभियानों में शामिल अधिकारियों को वीरता पुरस्कार दिए गए थे.